निपाह वायरस: मौजूदा स्थिति और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियाँ

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो पुष्ट मामले सामने आए हैं। दोनों मरीज एक ही निजी अस्पताल में काम करने वाले 25 वर्षीय नर्स हैं। पुरुष मरीज की हालत में सुधार है, जबकि महिला मरीज गंभीर स्थिति में हैं। 196 कॉन्टैक्ट्स की जांच हो चुकी है और सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। सरकार और WHO के अनुसार फिलहाल कोई कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।

निपाह वायरस क्यों चिंता का विषय है?

निपाह वायरस की मौत की दर 40–75% तक हो सकती है और इसका कोई पक्का इलाज या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह वायरस तेजी से नहीं फैलता, बल्कि आमतौर पर सीमित क्लस्टर में ही पाया जाता है।

 वायरस कैसे फैलता है?

  • फल खाने वाले चमगादड़ों से दूषित फल या कच्चा खजूर का रस
  • संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीबी संपर्क से (खासकर अस्पताल या घर में देखभाल के दौरान)
  • बीमार जानवरों के संपर्क से

लक्षण क्या हो सकते हैं?

  • शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खांसी और सांस की तकलीफ।
  • गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन, दौरे, बेहोशी या कोमा तक हो सकता है।

आम लोग क्या सावधानी रखें?

  • फल अच्छी तरह धोकर और छीलकर खाएं
  • जमीन पर गिरे फल या कच्चा खजूर का रस न लें
  • चमगादड़ या बीमार जानवरों से दूरी रखें
  • हाथ साबुन से बार-बार धोएं
  • बीमार व्यक्ति के संपर्क में आते समय मास्क का उपयोग करें
  • बुखार, सिरदर्द और सांस की दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

घबराने की जरूरत है?

नहीं। अभी मामले सीमित हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भारत पहले भी निपाह के मामलों को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर चुका है। सतर्क रहना जरूरी है, डरना नहीं।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.