एक बार फिर महामारी की दस्तक! चमगादड़ों से जुड़ा वायरस बना कारण, भारत के इस राज्य में महज़ एक हफ्ते में सामने आए 3 मामले
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दोबारा फैलने की खबर ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है। भारत के तीसरे सबसे बड़े महानगर कोलकाता से सटे बारासात क्षेत्र में इस जानलेवा वायरस की फिर से मौजूदगी दर्ज की गई है।![]()
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते एक सप्ताह के भीतर कम से कम 3 नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। खास बात यह है कि ये सभी केस नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के बताए जा रहे हैं।स्थिति इसलिए और गंभीर मानी जा रही है क्योंकि निपाह वायरस के लिए फिलहाल न तो कोई वैक्सीन उपलब्ध है और न ही कोई निश्चित इलाज, जिससे स्वास्थ्य तंत्र में हड़कंप मच गया है।
निपाह ने बढ़ाई टेंशन
निपाह वायरस में संक्रमण की स्थिति बेहद गंभीर मानी जाती है, क्योंकि इससे मृत्यु दर 50 से 70 प्रतिशत तक हो सकती है, जो इसे दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में शामिल करती है। इस मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 के आख़िरी दिनों में हुई, जब एक मरीज को गंभीर फेफड़ों की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उसी मरीज की देखभाल कर रही एक महिला नर्स वायरस की चपेट में आ गई। नर्स में तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई और मस्तिष्क में सूजन जैसे लक्षण सामने आए। हालत लगातार बिगड़ने के बाद वह फिलहाल कोमा में है।![]()
इसके बाद उसके संपर्क में आए एक पुरुष नर्स समेत अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी संक्रमित पाए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल में सामने आए तीन नए मामलों में एक डॉक्टर, एक नर्स और एक अन्य हेल्थ स्टाफ शामिल है।नारायणा हॉस्पिटल के कर्मचारियों में संक्रमण फैलने की पुष्टि के बाद अस्पताल को हाई-रिस्क ज़ोन घोषित कर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
चमगादड़ बना वजह
निपाह वायरस का संक्रमण मुख्य रूप से चमगादड़ों से जुड़ा होता है। संक्रमित चमगादड़ों के मूत्र, लार या उनके द्वारा काटे गए फलों के संपर्क में आने से यह वायरस फैल सकता है। इंसानों में यह संक्रमण हवा के जरिए, नज़दीकी संपर्क से या संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के माध्यम से फैलता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निपाह को “एपिडेमिक पोटेंशियल” वाला वायरस माना है, क्योंकि इसके तेज़ी से फैलने की क्षमता बेहद अधिक है।
भारत में निपाह वायरस पहले भी कई बार तबाही मचा चुका है। साल 2001 और 2007 में पश्चिम बंगाल में, जबकि केरल में 2018, 2021 और 2023 में इसके प्रकोप देखने को मिले थे। हर बार इस वायरस ने जानें ली हैं, लेकिन इस बार चिंता इसलिए ज़्यादा है क्योंकि इसका खतरा कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले इलाके के आसपास मंडरा रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कदम उठाए हैं। अब तक 100 से अधिक लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, जिनमें हाई-रिस्क संपर्क वाले लोग शामिल हैं। वहीं, 180 से ज्यादा लोगों की जांच की जा चुकी है और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम तेज़ी से जारी है।


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