बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, ओपी राजभर ने बताई क्या थी डील...
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है, जब नीतीश कुमार, जो पिछले दो दशकों से बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं, अब राज्यसभा के सदस्य बनेंगे। गुरुवार को उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया और ट्विटर के माध्यम से सभी कयासों को खत्म कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा जा रहे हैं। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह निर्णय चुनाव के समय ही तय हो गया था और नीतीश कुमार का बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग भी निर्धारित था।
जनता और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जनता ने पांच साल के लिए सरकार को समर्थन दिया है और अगले पांच साल तक सरकार कामकाज के आधार पर जनता के निर्णय के अधीन रहेगी। उन्होंने बताया कि बीजेपी देशभर में अपने कामकाज से पहचान बना रही है और अन्य राज्यों में क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल के माध्यम से सरकार बना रही है। बिहार में भी जनता के समर्थन से बीजेपी का मुख्यमंत्री पद संभाल सकता है। नीतीश कुमार ने ट्वीट में यह भी कहा कि राज्यसभा जाने के बावजूद बिहार की जनता से उनके संबंध पहले की तरह बने रहेंगे।
समर्थकों का विरोध
हालांकि, नीतीश कुमार के कुछ समर्थक उनके इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में जेडीयू कार्यकर्ता पटना में उनके आवास के बाहर जमा हुए और मांग की कि नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्यसभा जाने का फैसला जनता के जनादेश का अपमान है और उन्होंने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करें।
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