नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कर दी बड़ी पहल नहीं टूटेंगे परिवार

नोएडा : ग्रेटर नोएडा में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर लगातार प्रयास कर रहा है। खासतौर पर पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाने और महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की देखरेख में फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लीनिक यानी FDRC को और प्रभावी बनाने की पहल की गई है। 18 सितंबर 2026 को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने थाना नॉलेज पार्क में स्थापित फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लीनिक (FDRC) के नवीनीकरण कक्ष का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता सिंह चौहान के साथ उन्होंने फीता काटकर नवीनीकृत कक्ष का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अधिकारियों और अतिथियों ने FDRC की कार्यप्रणाली को देखा और पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण, संवेदनशील तथा समयबद्ध समाधान* में इसकी भूमिका पर चर्चा की।

लक्ष्मी सिंह की पहल में ‘परिवार बचाने’ पर जोर

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पारिवारिक विवाद केवल दो व्यक्तियों के बीच का विवाद नहीं होते, बल्कि उनका असर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और पूरे परिवार पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और परामर्श की व्यवस्था कई बार विवाद को गंभीर रूप लेने से रोक सकती है। FDRC का उद्देश्य भी इसी सोच से जुड़ा है कि जहां संभव हो, पारिवारिक विवादों को न्यायालयी प्रक्रिया में जाने से पहले आपसी संवाद, काउंसलिंग और सहमति के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पारिवारिक विवादों का समयबद्ध, संवेदनशील और संवाद आधारित समाधान सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। FDRC के माध्यम से अनेक परिवारों को न्यायालयी प्रक्रिया से पहले ही आपसी सहमति और परामर्श के जरिए राहत मिल रही है।

पहले संवाद, फिर विवाद का समाधान’

FDRC की अवधारणा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पारिवारिक विवादों में केवल कानूनी कार्रवाई को ही अंतिम रास्ता न माना जाए, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार दोनों पक्षों को सुनने, बातचीत कराने और काउंसलिंग के जरिए समाधान तलाशने का अवसर भी दिया जाए। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इसका उद्देश्य किसी पक्ष पर दबाव डालना नहीं, बल्कि उपलब्ध परिस्थितियों में परिवार के सदस्यों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान की संभावनाएं तलाशना है।

महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा भी केंद्र में

FDRC कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता सिंह चौहान ने भी महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, परिवार में संवाद और परामर्श की आवश्यकता तथा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने FDRC जैसे मंचों की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने और सामाजिक समरसता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस पहल में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में काम करने पर विशेष जोर दिखाई दिया

शारदा यूनिवर्सिटी में भी गूंजा परिवार बचाने का संदेश

FDRC के नवीनीकरण कक्ष के उद्घाटन के बाद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित FDRC के वार्षिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने पारिवारिक विवादों के समाधान में पुलिस, विधि विशेषज्ञों, परामर्शदाताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों को मिलकर निरंतर प्रयास करने चाहिए, ताकि विवादों का समाधान संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से कराया जा सके।

पुलिसिंग का एक अलग मानवीय चेहरा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पुलिसिंग को केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए महिला सुरक्षा, पारिवारिक विवाद समाधान और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की कोशिश भी लगातार दिखाई दे रही है। FDRC इसी दिशा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पारिवारिक विवाद जब लंबे समय तक चलते हैं तो उनका असर पति-पत्नी के साथ-साथ बच्चों और अन्य परिजनों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते बातचीत और विशेषज्ञ परामर्श का मंच उपलब्ध होना महत्वपूर्ण हो सकता है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की निगरानी में FDRC को मजबूत करने की पहल का संदेश यही है कि विवाद बढ़ने से पहले संवाद की गुंजाइश तलाशना और जहां संभव हो, परिवारों के बीच संबंधों को बचाने का प्रयास करना भी पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है

रिपोर्टर - योगेंद्र कुमार यादव

 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.