नोएडा हिंसा का 1 लाख का इनामी सॉफ्टवेयर इंजीनियर तमिलनाडु से गिरफ्तार!

नोएडा में श्रमिक आंदोलन के नाम पर जो आगजनी और हिंसा हुई, उसकी पटकथा किसी अपराधी ने नहीं बल्कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने लिखी थी. यूपी एसटीएफ और गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने तमिलनाडु में फिल्मी स्टाइल में दबिश देकर एक लाख के इनामी मास्टरमाइंड आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को दबोच लिया है. आखिर कैसे एक NIT ग्रेजुएट बन गया हिंसा का रणनीतिकार? क्या है इस साजिश का मजदूर बिगुल कनेक्शन? आइए जानते हैं इस सनसनीखेज खुलासे में...

नोएडा के थाना फेज-2 इलाके में 13 अप्रैल को हुई भयानक हिंसा के बाद से फरार चल रहा आदित्य आनंद आखिरकार कानून के शिकंजे में है. यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने उसे 18 अप्रैल की रात तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह लोकेशन बदलकर एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश कर रहा था. पुलिस जांच में जो सच सामने आया है वह चौंकाने वाला है. 28 वर्षीय आदित्य आनंद बिहार के हाजीपुर का रहने वाला है और उसने NIT जमशेदपुर से बीटेक किया था. वह नोएडा की नामी कंपनी जेनपैक्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, लेकिन पर्दे के पीछे वह क्रांतिकारी संगठनों और हिंसक नेटवर्क का हिस्सा बन चुका था. आदित्य 'मजदूर बिगुल' के संपादक के संपर्क में आया और धीरे-धीरे मजदूरों की समस्याओं की आड़ में कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया.

जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी प्लानिंग 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच बैठकों में की गई थी. आदित्य ने 'मजदूर बिगुल', 'दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन' और 'नौजवान भारत सभा' जैसे संगठनों के साथ मिलकर हिंसा का ब्लू-प्रिंट तैयार किया था. आदित्य ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. अब पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा ला रही है. एसटीएफ की नजर अब इन पहलुओं पर है:

फंडिंग: इस पूरे नेटवर्क को पैसा और लॉजिस्टिक सपोर्ट कौन दे रहा था?
संगठित नेटवर्क: क्या इन संगठनों के तार किसी बड़े अराजक समूह या बाहरी ताकतों से जुड़े हैं?
अगली गिरफ्तारियां: पुलिस का दावा है कि जल्द ही कई और बड़े चेहरों और संगठनों पर गाज गिर सकती है.

एक तरफ उज्ज्वल भविष्य और दूसरी तरफ जेल की सलाखें आदित्य आनंद की कहानी उन युवाओं के लिए सबक है जो सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ के जाल में फंस रहे हैं. पुलिस अब रिमांड पर लेकर आदित्य से वो राज उगलवाएगी जो इस पूरी हिंसा के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब करेंगे. 

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