नॉर्वे में PM मोदी का जोरदार स्वागत, व्यापार और तकनीक पर बनी रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोपीय दौरे के तहत सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका अभिनंदन किया। खास बात यह है कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की यह करीब चार दशक बाद पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है।
ओस्लो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था और तकनीकी सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत और नॉर्वे ने आपसी संबंधों को नई मजबूती देने तथा भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा पूरी कर नॉर्वे पहुंचे थे। यूरोप के नॉर्डिक देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों को इस दौरे से काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह यात्रा आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को आयोजित होने वाले तीसरे नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में भारत के साथ डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के शीर्ष नेता शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाना है। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित किए जा चुके हैं।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भारत-नॉर्वे व्यापार और रिसर्च सम्मेलन को संबोधित करते हुए दोनों देशों के उद्योग, नवाचार और अनुसंधान सहयोग को लेकर अपनी बात रखेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नॉर्डिक देशों के साथ भारत के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधन, डिजिटल तकनीक और शोध जैसे क्षेत्रों में साझेदारी आने वाले समय में दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति और यूरोपीय देशों के साथ बढ़ते सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


No Previous Comments found.