ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर मुस्लिम नेताओं की प्रतिक्रिया

इस्राइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता आजम खान ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह बेहद अफसोसनाक खबर है और अमेरिका व इस्राइल द्वारा किया गया हमला अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र पर इस तरह से हमला करने का कोई औचित्य नहीं है।
 
मुस्लिम नेताओं की प्रतिक्रिया और सवाल
 
एआईएमआईएम प्रवक्ता असीम वकार ने खामेनेई की शहादत के बाद उठ रहे सवालों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें केवल अमेरिकी और इस्राइली नेता ही नहीं, बल्कि वे लोग भी शामिल हैं जो खुद को मुसलमान कहते हैं। उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाया कि खामेनेई को शिया बताकर उनका विरोध किया जा रहा है और विरोध करने वालों से सवाल किया कि क्या वे नेतन्याहू या डोनाल्ड ट्रंप को कट्टर सुन्नी मानते हैं। वहीं ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई दादागिरी है और वर्ल्ड कोर्ट में इसके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने भी खामेनेई के लिए गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अमेरिका और इस्राइल को धोखेबाज बताया।
 
राजनीतिक और सामरिक दृष्टिकोण
 
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बताया कि ईरान ने केवल अमेरिकी बेसिस पर हमला किया और किसी भी अन्य मुल्क पर हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका और इस्राइल ने हमला किया तो ईरान उन बेसिस पर प्रतिक्रिया करेगा। सपा प्रवक्ता आजम खान ने कहा कि बातचीत के दौरान हमला नहीं करना चाहिए था, और इस्राइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम से परेशान था। इस दृष्टि से उन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर खामेनेई की हत्या को अंजाम दिया, जिसे समाजवादी पार्टी कड़ा नकारती है और इसकी निंदा करती है।

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