ऑपरेशन सिंदूर: एक तीर, कई निशाने , आतंक को करारा जवाब
22 अप्रैल 2025 की सुबह, कश्मीर की हसीन वादियां एक बार फिर खून से लाल हो गईं। पहलगाम के बैसारन में जब सैलानी प्रकृति की गोद में राहत की सांस ले रहे थे, तभी इंसानियत को शर्मसार करने वाला मंजर सामने आया। कुछ नकाबपोश आतंकियों ने पर्यटकों को धर्म के आधार पर छांटा और पुरुषों को गोलियों से भून डाला। 26 निर्दोष जानें – जिनमें एक नेपाली और एक कश्मीरी भी शामिल थे – बेवजह मिटा दी गईं। इस हमले की जिम्मेदारी ली लश्कर-ए-तैयबा के एक धड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने।
दुनिया चौंकी, लेकिन भारत थमा नहीं। आंसुओं को हथियार में बदला और जवाब देने का फैसला किया गया — ऐसा जवाब जिसे इतिहास में “ऑपरेशन सिंदूर” के नाम से जाना जाएगा।
एक तीर, कई निशाने
भारत की यह कार्रवाई महज बदले की आग नहीं थी, यह था आतंक के खिलाफ न्याय का संकल्प। सात मई की भोर में जब दुनिया सो रही थी, भारत के लड़ाकू विमान और मिसाइलें जाग रही थीं। पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में फैले 21 आतंकी ठिकाने एक-एक कर चकनाचूर हो गए। बहावलपुर से मुरिदके और शकरगढ़ तक दहशतगर्दों के अड्डे राख हो गए।
सबसे बड़ा झटका जैश-ए-मोहम्मद को लगा — बहावलपुर स्थित उनके मरकज़ "सुभानअल्लाह" पर हमला कर भारत ने उनके शीर्ष नेतृत्व को सीधा निशाना बनाया। खबरों के मुताबिक, मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके चार करीबी मारे गए। यह वही मरकज़ था जहाँ से 2019 का पुलवामा हमला रचा गया था।
पठानकोट का हिसाब और सरजल की साजिश का खात्मा
ऑपरेशन सिंदूर का अगला निशाना था पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड्स का ठिकाना। पाकिस्तान के सरजल क्षेत्र में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के लॉन्च पैड पर मिसाइलें बरसीं। यही वह जगह थी जहां से घुसपैठ कर आतंकियों ने 2016 में भारतीय वायुसेना अड्डे पर हमला किया था। इस बार वहां खामोशी थी – लेकिन भारत की मिसाइलों ने उस साजिश की जड़ों को जला डाला।
मुंबई हमले का मास्टर प्लान भी राख
जो जख्म 26/11 ने भारत को दिया था, उसकी टीस अब भी दिल में है। लेकिन मुरिदके के नंगल सहदन में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय पर किया गया हमला उस दर्द का जवाब था। यह वही 82 एकड़ में फैला अड्डा है जहां अजमल कसाब जैसे आतंकियों को प्रशिक्षण मिला, और जहां ओसामा बिन लादेन तक ने पैसा लगाया था। हाफिज सईद, जकीउर रहमान और डेविड हेडली जैसे नाम इसी जगह से निकलकर मुंबई की गलियों तक पहुंचे थे।इस केंद्र को नष्ट कर भारत ने न सिर्फ अपने घावों पर मरहम रखा, बल्कि यह भी दिखा दिया कि "जो आग जलाते हो, उसी में भस्म भी हो सकते हो।"
भारत का संदेश साफ
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को एक सीधा और स्पष्ट संदेश दिया है — भारत अब चुप नहीं बैठेगा। इंसानियत के खिलाफ जहर उगलने वालों को उनके बिलों में घुसकर मारा जाएगा। यह कार्रवाई केवल सर्जिकल या एयर स्ट्राइक नहीं थी, यह था न्याय का एक ऐतिहासिक क्षण।
एक सवाल अब सबके मन में है — क्या अब आतंक का अंत नज़दीक है?


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