डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है ये योग

डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए योग बहुत फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर की संपूर्ण सेहत को सुधारता है। सुबह उठते ही कुछ खास योगासन करने से रक्त शर्करा को संतुलित किया जा सकता है और दवाईयों की जरूरत कम हो सकती है। कुछ योगासन हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकते हैं:
1. पद्मासन (Padmasana)
पद्मासन ध्यान लगाने के लिए आदर्श आसन है, जो मानसिक शांति और तनाव को कम करने में मदद करता है। यह शरीर के भीतर ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करता है और शर्करा के स्तर को स्थिर रखता है।
कैसे करें:
सीधे बैठें, पैर क्रॉस करके घुटनों तक लाकर दोनों पैरों के तलवे एक दूसरे से जोड़ें।
अपनी रीढ़ को सीधा रखें, और हाथों को घुटनों पर रखें।
गहरी सांस लें और शांति से ध्यान लगाएं।
2. वृक्षासन (Vrikshasana)
वृक्षासन शरीर को संतुलित और मजबूत बनाता है, यह रक्त परिसंचरण को सुधारने में मदद करता है और डायबिटीज के नियंत्रण में सहायक हो सकता है।
कैसे करें:
सीधे खड़े हो जाएं और एक पैर को घुटने से मोड़ें।
उस पैर के तलवे को दूसरे पैर की जांघ पर रखें (संतुलन बनाए रखें)।
हाथों को ऊपर की ओर जोड़ें या प्रणाम मुद्रा में रखें।
श्वास को नियंत्रित करते हुए इस अवस्था में कुछ देर रहें।
3. भुजंगासन (Bhujangasana)
भुजंगासन डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर के आंतरिक अंगों को सक्रिय करता है और पाचन तंत्र को सुधारता है। यह आसन शरीर के मेटाबोलिज्म को तेज करता है।
कैसे करें:
पेट के बल लेटें, हाथों को कंधों के नीचे रखें।
अपनी कोहनी सीधी करके छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
सिर को पीछे की ओर झुकाकर गहरी सांस लें और कुछ देर इस अवस्था में बने रहें।
4. सेतु बंध आसन (Setu Bandhasana)
यह आसन शरीर को मजबूती प्रदान करता है और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
कैसे करें:
पीठ के बल लेटें और घुटनों को मोड़कर पैरों के तलवों को जमीन पर रखें।
हाथों को शरीर के पास रखें और श्वास लेते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं, ताकि शरीर सेतु जैसा बने।
कुछ सेकंड के लिए इस अवस्था में रहें और धीरे-धीरे नीचे आ जाएं।
5. अनुलोम-विलोम प्राणायाम (Anulom Vilom Pranayama)
यह प्राणायाम श्वसन तंत्र को साफ करता है, मानसिक शांति लाता है और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
कैसे करें:
आराम से बैठ जाएं।
एक नथुने को बंद करके दूसरे से गहरी सांस लें।
फिर नथुने को बदलकर धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
इसे कुछ मिनटों तक दोहराएं।
ध्यान रखें कि यदि आप किसी भी प्रकार की दवा पर हैं या गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो योगाभ्यास से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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