PAK Afghanistan War:ईरान ने मध्यस्थ बनने का प्रस्ताव रखा, कंधार में पाकिस्तान के जेट की बढ़ती सक्रियता
तालिबान पर पाकिस्तानी सेना का जोरदार हमला, 27 ठिकानों का सफाया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान की कार्रवाई में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। जियो न्यूज के अनुसार, इन अभियान के दौरान तालिबान के 27 ठिकाने नष्ट कर दिए गए और नौ ठिकानों पर कब्जा भी कर लिया गया।
![]()
एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने चित्राल, खैबर, मोहम्मंद, कुर्रम और बाजौर जिलों समेत कई सीमावर्ती क्षेत्रों में तालिबान चौकियों को तबाह किया। इससे पहले, तालिबान प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए। मुजाहिद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "काबुल, कंधार और पक्तिया में पाकिस्तानी सेना ने हवाई हमले किए; सौभाग्य से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।"

ईरान ने बीच-बचाव की पेशकश की है, लेकिन कंधार के आसमान पर पाकिस्तान के जेट अब भी मंडरा रहे हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, युद्ध की आशंका
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव ने जंग का रूप ले लिया है। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान ने खुला हमला किया और काबुल तथा कंधार पर बमबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में अफगान सैनिकों ने भी सीमा पर हमले तेज कर दिए हैं।

ऑपरेशन 'गजब लिल-हक'
पाकिस्तान ने इस अभियान का नाम ‘गजब लिल-हक’ रखा। यह कार्रवाई अफगानिस्तान के हमले और 55 पाकिस्तानी सैनिकों की हताहत होने के बाद शुरू की गई। इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना ने दो बेस और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया। एयर स्ट्राइक लगभग दो घंटे तक चली, और इसके जवाब में तालिबान ने भी सीमा चौकियों पर बड़े हमले शुरू कर दिए।

ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस्लामाबाद और काबुल के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने में मदद की पेशकश की है। एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'रमजान के पवित्र महीने में, जो आत्मसंयम और एकजुटता को मजबूत करने का महीना है, यह उचित है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी संबंधों के ढांचे के भीतर और संवाद के मार्ग के माध्यम से अपने मौजूदा मतभेदों का प्रबंधन और समाधान करें।"
अराघची ने आगे कहा,'इस्लामिक गणराज्य ईरान दोनों देशों के बीच संवाद को सुगम बनाने और समझ और सहयोग को मजबूत करने में किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।' पिछले साल कतर ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी, और सीमा पर छिटपुट उल्लंघन की घटनाओं के बावजूद यह व्यवस्था काफी हद तक कायम रही।


No Previous Comments found.