पाकुड़ जिला क्रिकेट संघ पर भेदभाव और फंड में हेराफेरी के गंभीर आरोप, खिलाड़ियों में आक्रोश

पाकुड़ : बरसों से बेहतर काम के लिए पहचाना जाने वाला पाकुड़ जिला क्रिकेट संघ अब विवादों में घिर गया है। संघ पर आरोप लग रहा है कि अब यहां प्रतिभा नहीं, बल्कि पहचान देखकर बच्चों का सिलेक्शन होता है। साथ ही ऊपर से आने वाले सरकारी और बीसीसीआई फंड के बंदरबांट का भी आरोप सामने आ रहा है।

जिला के कई जूनियर खिलाड़ियों और अभिभावकों का आरोप है कि ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भेदभाव के कारण कई प्रतिभाशाली बच्चों को टीम में जगह नहीं दी जाती है। इससे पाकुड़ जैसे छोटे जिले के क्रिकेट का भविष्य अंधकार में जा रहा है।

इंडिया-वेस्टइंडीज मैच के पास पर भी बवाल
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में इंडिया-वेस्टइंडीज सीरीज के लिए संघ को मिले पासों को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि संघ के पदाधिकारियों ने ये पास आम खिलाड़ियों या क्रिकेट प्रेमियों को देने के बजाय अपने बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों में बांट दिए। इसको लेकर संघ के अंदर ही कई सदस्यों ने नाराजगी जताई है।

एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि "संघ अब कुछ लोगों की निजी जागीर बन गया है। फंड कहां जा रहा है, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जाता।"

इस संबंध में जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो पाया। वहीं खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ से पूरे मामले की जांच की मांग की है।

पाकुड़ के स्टेडियम में प्रैक्टिस करते युवा क्रिकेटर। चयन में भेदभाव से खिलाड़ियों में निराशा।

रिपोर्टर : अभिषेक तिवारी

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