वादों का नगर निगम, हकीकत में बंद शौचालय
पलामू : नगर निगम चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों की पोल अब खुलकर सामने आ रही है। पलामू जिले के मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय खुद बदहाली के शिकार बने हुए हैं। नगर निगम द्वारा शहर के लगभग हर चौक-चौराहे पर बाथरूम का निर्माण कराया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले सात महीनों से इन बाथरूमों पर ताला लटका हुआ है। बाथरूम बनने के बाद इनके रख-रखाव की जिम्मेदारी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाथरूम की टंकी भर चुकी है और उसके बगल में बनाई गई दूसरी टंकी कचरे से लबालब पड़ी है। हालात इतने बदतर हैं कि कई लोग टंकी के पास गिर चुके हैं, जिससे हमेशा जान का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
लोगों का आरोप है कि चुनाव आते ही वादों की झड़ी लग जाती है, लेकिन जीतने के बाद जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता की समस्याओं से मुंह फेर लेते हैं। सवाल यह है कि स्वच्छता और सुविधा के नाम पर बनाए गए ये शौचालय आखिर किसके लिए थे?
रिपोर्टर : विक्रम यादव


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