राजा मेदिनीराय की स्मृति में दुबियाखांड में दो दिवसीय राजकीय आदिवासी महाकुंभ मेले का शुभारंभ

पलामू : राजा मेदिनीराय की याद में दुबियाखांड में बुधवार से दो दिवसीय राजकीय आदिवासी महाकुंभ मेले की शुरुआत हुई। मेले के पहले दिन झारखंड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष एवं मेले के संस्थापक इंदर सिंह नामधारी, पूर्व विधायक हरेराम सिंह चेरो, विधायक प्रत्याशी अजय सिंह चेरो, पूर्व जिप सदस्य सह मेला समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, मीडिया प्रभारी हृदया सिंह, जिला परिषद सदस्य बासो देवी, सदर प्रखंड प्रमुख बसंती देवी, उप प्रमुख शीतल सिंह, पंसस अजीत सिंह एवं शिक्षक भरदूल सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया।


इस अवसर पर इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि राजा मेदिनीराय एक कुशल प्रशासक एवं प्रतापी शासक थे। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और समृद्ध थी। उन्होंने कहा कि राजा मेदिनीराय के आदर्शों और पदचिह्नों पर चलकर ही झारखंड का समुचित विकास संभव है। उन्होंने बताया कि मंत्री मिथिलेश ठाकुर के प्रयास से इस आदिवासी मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाया गया। यह मेला आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और विरासत की पहचान है।

दूधी के पूर्व विधायक हरेराम सिंह चेरो ने कहा कि मेला समिति द्वारा आयोजित यह महाकुंभ मेला समाज को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का आह्वान किया।

मेले में विभिन्न सरकारी विभागों के 25 स्टॉल लगाए गए हैं। जिला मत्स्य पदाधिकारी कमरू जमां द्वारा मलय डैम के लिए मोटर बोट का वितरण किया गया। लाभुकों के बीच ऑटो रिक्शा का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 45 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। वहीं आवास योजना के तहत कई लाभुकों को गृह प्रवेश कराकर चाबी सौंपी गई।

मौके पर सरजा मुखिया अलका कुमारी, कौड़िया मुखिया कुमारी अंजना सिंह, सुआ मुखिया दुलारी देवी, सोसाइटी के अध्यक्ष निर्मल सिंह चेरो, उपेंद्र सिंह, रबिंद्र सिंह, उमेश सिंह, सत्यनारायण उरांव, बिरेंद्र उरांव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

रिपोर्टर : बिक्रम यादव 

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