मेदिनीनगर नगर निगम राजनीति गरम पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का बड़ा आरोप
पलामू : नगर निगम चुनाव से पहले मेदिनीनगर की सियासत गरमा गई है। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष व मेयर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। त्रिपाठी ने कहा कि चौधराना बाजार का किराया पहले एक रुपये था, जिसे बढ़ाकर छह रुपये कर दिया गया। उनके मुताबिक व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ सरकार के सचिव से मिलकर किराया चार रुपये तय कराया गया, लेकिन सरकार के आदेश के बावजूद व्यवसायियों से छह रुपये की दर से ही वसूली की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दुकानदारों ने बढ़ा हुआ किराया देने से मना किया, उनकी दुकानों को बंद करवाने तक की कार्रवाई की गई। साथ ही कहा कि बाद में मेयर अरुणा शंकर की कमेटी ने सरकार को 25 रुपये तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेज दिया, जो व्यवसायियों के हित के खिलाफ था।
नगर निगम में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप
रमाडा होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम के टेंडरों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उनके अनुसार, टेंडर मैनेज कर कमीशन की रकम बांटी गई।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों में मेयर व डी. मेयर के कमीशन कोटे में 12 लाख, 14 लाख, 25 लाख, 16 लाख, 20 लाख और 85 लाख रुपये तक के भुगतान का उल्लेख है।
400 दुकानदारों से लाखों की वसूली का दावा
त्रिपाठी का आरोप है कि सरकार द्वारा चार रुपये किराया तय करने के बावजूद 40 महीनों तक करीब 400 दुकानदारों से हर महीने छह लाख रुपये की वसूली की गई। उनके अनुसार इससे व्यवसायियों को करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि आज भी छह रुपये की दर से वसूली जारी है।
टाउन लीज फ्री होल्ड पर भी लगाए सवाल
पूर्व मंत्री ने कहा कि टाउन लीज फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर कुछ लोग मुख्यमंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाकर जनता को गुमराह करते रहे और अपने प्रतिष्ठानों का लीज करवाते रहे, जबकि आम शहरवासियों को इसका लाभ नहीं मिला।
चुनावी अपील
केएन त्रिपाठी ने कहा कि अगर नम्रता त्रिपाठी मेयर बनती हैं, तो व्यवसायियों से अधिक वसूली गई राशि को आने वाले किराए में समायोजित कराया जाएगा। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा कि शहर की संपत्ति को लूट से बचाने के लिए सही प्रतिनिधि चुनें।
रिपोर्टर : विक्रम यादव

No Previous Comments found.