फोर लेन सड़क अधूरी, टोल वसूली शुरू: विवेक त्रिपाठी ने भरी हुंकार, जनप्रतिनिधि हुए एकजुट

मेदिनीनगर : सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जोरकट में फोर लेन सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना टोल टैक्स वसूली शुरू किए जाने को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शनिवार की सुबह जैसे ही टोल प्लाजा से वाहनों से टोल टैक्स वसूली की शुरुआत हुई, वैसे ही क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और इसका जोरदार विरोध किया।


इंटक प्रदेश सचिव विवेकानंद त्रिपाठी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स की वसूली करना पूरी तरह से गलत और अनुचित है। उन्होंने कहा कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली आम जनता के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो जन आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एनएचएआई द्वारा केवल कुछ किलोमीटर सड़क बनाकर टोल वसूली शुरू कर देना लोगों को परेशान करने जैसा है। इससे क्षेत्र के आम नागरिकों, छोटे व्यवसायियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी एकजुट होकर टोल प्लाजा पहुंचे और एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक टोल टैक्स वसूली बंद की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरे काम के बावजूद टोल वसूली शुरू कर देना जनता से जबरन पैसे वसूलने जैसा है।

काफी देर तक चली बातचीत और जद्दोजहद के बाद एनएचएआई के पदाधिकारियों और टोल वसूली करने वाली कंपनी के जीएम के साथ जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने फिलहाल एक अस्थायी समाधान पर सहमति जताई। अधिकारियों ने कहा कि सदर प्रखंड के आसपास के पंचायतों से आने वाली कमर्शियल और नॉन-कमर्शियल वाहनों से फिलहाल टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।

इसके लिए संबंधित पंचायतों के मुखिया और पंचायत समिति (प्रधान) को पांच दिनों के भीतर अपने-अपने पंचायत के वाहन धारकों का सत्यापन कर सूची तैयार कर एनएचएआई को सौंपनी होगी। सूची के आधार पर उन वाहनों को टोल टैक्स से अस्थायी छूट दी जाएगी।
हालांकि इस निर्णय के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल अस्थायी है और इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स की वसूली पूरी तरह बंद कर दी जानी चाहिए।

इसी दौरान आजाद समाज पार्टी के नेता अजय सिंह चेरो ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि दुबियाखाड़ राजकीय मेले को ध्यान में रखते हुए यहां आठ पिलर वाला फ्लाईओवर बनाने की मांग पहले से की जा रही थी, लेकिन इस मांग को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों के सामने फिर से इस मांग को उठाते हुए कहा कि मेले के समय यहां भारी भीड़ और यातायात दबाव रहता है, ऐसे में फ्लाईओवर बनना जरूरी है।

इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पलामू के सांसद से अनुशंसा प्राप्त होने के बाद इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

वहीं स्थानीय लोगों ने भी चेतावनी दी कि यदि अधूरी सड़क पर टोल वसूली जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे जनता के हितों से समझौता नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया

रिपोर्टर : बिक्रम यादव 

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