सतबरवा में धूमधाम से मनाया गया सरहुल पर्व, प्रकृति पूजा के साथ झलकी आदिवासी संस्कृति
सतबरवा प्रखंड- मुख्यालय में अद्दिकुडूख सरना समाज के प्रखंड अध्यक्ष विष्णुदेव उरांव की अध्यक्षता में बड़े ही उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सरहुल पर्व मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में उल्लास का माहौल देखने को मिला।
सरहुल पूजा में मुख्य रूप से सखुआ (साल/सरई) के पेड़ की पूजा की जाती है। सरना स्थल पर साल वृक्ष के नीचे पाहन (पुजारी) द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और सखुआ के फूल (सरई फूल) अर्पित किए गए, जो प्रकृति और मानव के बीच संतुलन और सामंजस्य का प्रतीक है।
इस पर्व का विशेष महत्व है क्योंकि यह चैत्र माह में मनाया जाता है, जब साल के पेड़ों में नए पत्ते और फूल आते हैं। यह नई फसल और नववर्ष के आगमन का संकेत भी देता है। पूजा के बाद सखुआ के फूलों को पवित्र मानकर लोगों के बीच बांटा जाता है।
मुख्य अतिथि के रूप में पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता ने कहा कि सरहुल प्रकृति के प्रति आस्था और सम्मान का पर्व है, जिसमें साल वृक्ष की पूजा कर प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाया जाता है।
विधायक प्रतिनिधि अजय उरांव एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार सिन्हा ने कहा कि सरहुल पर्व पारंपरिक वेश-भूषा, ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है, जो आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
जुलूस के दौरान सतबरवा थाना के पुलिस जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष विष्णुदेव उरांव, सचिव प्रवेश उरांव, उपाध्यक्ष विनय उरांव, प्रचारक सचिव रामप्यारी उरांव, संयुक्त सचिव विनय उरांव, निगरानी नंदू उरांव, धावाडीह पंचायत की मुखिया रिंकी यादव, जिला परिषद सदस्य सुधा कुमारी, विधायक प्रतिनिधि अजय उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार सिन्हा, राणा प्रताप कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि मनीष कुमार, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष संदीप कुमार, इंद्रदेव उरांव, प्रीति कुमारी, संजय उरांव, अशोक सिंह, सांसद प्रतिनिधि सोनू सिकंदर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
No Previous Comments found.