फर्जी बेटे की साजिश, आदिवासी बहनों की जमीन लूटी

मध्यप्रदेश : पन्ना जिले में आदिवासी महिलाओं की पैतृक जमीन हड़पने का सुनियोजित, खतरनाक और चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री और मेसर्स डायमंड स्टोन क्रैशर के मालिक श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है। 15 जनवरी 2026 को आरोपी को विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुशवाह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब इस हाई-प्रोफाइल आरोपी की जमानत अर्जी पर 17 जनवरी को सुनवाई होगी।

फर्जी बेटे की साजिश, आदिवासी बहनों की जमीन लूटी

यह पूरा मामला किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। शिकायतकर्ता आदिवासी महिला संतोष रानी, निवासी तखोरी तहसील शाहनगर, थाना रैपुरा ने 25 सितंबर 2025 को कोतवाली थाना पन्ना में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उनकी माता नेत्रहीन हैं। परिवार में सिर्फ दो बहनें हैं, कोई भाई नहीं। इसके बावजूद आरोपियों ने एक व्यक्ति को फर्जी भाई बताकर उनकी ग्राम मनौर स्थित पैतृक भूमि पर कब्जा कर लिया।

राजस्व जांच में बेनकाब हुआ पूरा खेल

शिकायत के बाद एसडीएम पन्ना द्वारा कराई गई राजस्व जांच में रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित उसके करीबी अनुपम त्रिपाठी ने मिलकर जैतुपुरा निवासी राजाराम को बहनों का फर्जी भाई और माता-पिता का पुत्र घोषित कराया। इसी झूठ के आधार पर खसरा नंबर 148/4, रकबा 2.000 हेक्टेयर की आदिवासी भूमि का अवैध नामांतरण और क्रय-विक्रय कर दिया गया।

35 हजार में बिक गई पहचान, जमीन करोड़ों की

राजस्व जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के लिए राजाराम को मात्र 35 हजार रुपये दिए गए। हल्का पटवारी ने खातेदार की मृत्यु दर्शाते हुए बिना सत्यापन फर्जी पुत्र के नाम नामांतरण दर्ज कर दिया। इसके बाद 9 नवंबर 2020 को पंजीकृत विक्रय पत्र के जरिए यह भूमि श्रीकांत दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी के नाम कर दी गई। 
दो आरोपी फरार, पुलिस की दबिश जारी

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रीकांत दीक्षित को तो जेल भेज दिया है, लेकिन अनुपम त्रिपाठी निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी, पन्ना, राजाराम निवासी जैतुपुरा अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

पहले भी विवादों में रहा है कांग्रेस नेता का नाम

गौरतलब है कि श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित पहले भी गंभीर आरोपों में घिर चुका है। पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने उस पर अवैध खनन के मामले में एक अरब रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया था।हालांकि, पन्ना न्यायालय के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा यह आदेश निरस्त कर दिया गया था। बाद में इस पूरे मामले ने ऐसा मोड़ लिया कि जबलपुर हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम भारतीय को निलंबित कर दिया, वह भी सेवानिवृत्ति से महज 10 दिन पहले।

सवालों के घेरे में सिस्टम

यह मामला सिर्फ जमीन हड़पने का नहीं, बल्कि सिस्टम की मिलीभगत, सत्ता के दुरुपयोग और आदिवासियों के अधिकारों पर खुले हमले की कहानी है।अब देखना यह है कि कानून का शिकंजा कितनी मजबूती से भू-माफिया और राजनीतिक रसूख पर कसता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

रिपोर्टर : रफ़ी 

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