सतसंग वह शक्ति है जो व्यक्ति का जीवन बलद देतीं :-पंडित श्री प्रसाद रमेश शास्त्री

पवई : बार्ड क्रमांक 11 श्रीवास्तव कॉलोनी प्रांगण मे चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा मे तीसरे दिन  मंगलवार को कथा व्यास पंडित रमेश प्रसाद शास्त्री द्वारा कपिल चरित्र,सती चरित्र, धुरव चरित्र जड भरत चरित्र नरसिंह अवतार सहित विभिन्न प्रसंगो का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का नाम स्मरण करने मात्र से ही व्यक्ति भवसागर पार लग जाता है । सतसंग वह शक्ति है जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है उन्होने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन मे क्रोध,लोभ, मोह,हिंसा तथा संग्रह त्यागकर स्व विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करना चाहिए बुधवार की कथा मे हरि नाम महिमा,प्रहलाद चरित्र हिरण्याक्ष बध,प्रहलाद चरित्र सहित अन्य प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथा व्यास पंडित रमेश प्रसाद शास्त्री ने कहा कि भगवान की भक्ति मे शक्ति है श्रीमद्भागवत कथा सही मार्ग दिखाती,भक्ति करनी है तो ध्रुव और प्रहलाद जैसी करिए भगवान ने प्रहलाद का भाव समर्पण देख अवतार लेकर हिरण्कश्यप का बध किया ,यदि भक्ति सच्चे मन से की जाए तो ईश्वरी शक्ति अवश्य सहायता करती है । यदि हम संसार मे पूरी तरह मोहग्रस्त और लिप्त है तो हमारी भक्ति एक दिखावा है भागवत कथा मे प्रहलाद चरित्र पुत्र एवं पिता के संबंध को प्रदर्शित करता है,और ज्ञात करवाता है । यदि भक्त सच्चा है तो विपरीत परिस्थितियां भी उसे भगवान की भक्ति से विमुख नहीं कर करती महाराज जी ने बताया कि राक्षस प्रवृत्ति के हिरण्यकश्यप जैसे पिता को प्राप्त करने के बाद भी प्रहलाद ने अपनी भक्ति नहीं छोड़ी। प्रहलाद ने पुत्र का दायित्व निभाया ,पिता यदि कुमार्गामी दुष्ट प्रवृत्ति का हो तो उसे भी सुमार्ग पर लाने प्रयास करना चाहिए। प्रहलाद ने बिना किसी भय के हिरण्यकश्यप के यहां रहते हुए भी ईश्वर की सत्ता को स्वीकार किया   भगवान नरसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप का संघार हुआ ।

तीसरे दिन  पंडाल मे श्रोताओ की काफी भीड रही  आज जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के जिला अध्यक्ष अनीश खान एवं उनके साथ नेता  का भागवत पंडाल  में पहुंचे एवं आशीर्वाद लिया उक्त आयोजन  शिक्षाविद नागेन्द्र श्रीवास्तव, रजनी श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा है ।

रिपोर्टर : सुरेश कुमार द्विवेदी 

 

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