गौमाताओं की दुर्दशा पर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश: गौशाला में लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पवई : मामला ग्राम पंचायत सुनदर का है आदिवासियों की जमीन की फसल गौशाला संचालक के द्वारा मवेशियों से लगभग 4 साल से चरवाई जा रही है, तहसील पवई की ग्राम पंचायत सुनदर के ग्रामीणों ने गौशाला संचालन में गंभीर अनियमितताओं और गौमाताओं के कथित उपेक्षा पूर्ण व्यवहार को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) समीक्षा जैन को तीव्र आक्रोश के साथ लिखित ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सुनदर स्थित गौशाला के अध्यक्ष ओमकार वाजपेई द्वारा शासन की गौशाला संचालन गाइडलाइन का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार गौशाला में निराश्रित एवं बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित रखना, नियमित चारा-भूसा, पानी, चिकित्सा सुविधा और उचित देखभाल उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके विपरीत, आरोप है कि मवेशियों को गौशाला में सुरक्षित रखने के बजाय खुले में खेतों की ओर छोड़ दिया जाता है, जिससे लगभग 10–12 किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला के लिए शासन से मिलने वाली राशि एवं संसाधनों का पारदर्शी उपयोग नहीं हो रहा है। मवेशियों को पर्याप्त चारा-भूसा नहीं दिया जा रहा, जिससे उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है। यदि कोई ग्रामीण इस संबंध में प्रश्न उठाता है, तो उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी दी जाती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है गौशाला संचालक ओमकार बाजपेई ने शासन की भूमि पर पंचायत की अनुमति के बिना निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गौशाला संचालन की उच्च स्तरीय जांच कर वर्तमान अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तथा किसी ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ एवं गौसेवा के प्रति समर्पित व्यक्ति को दायित्व सौंपा जाए।
एसडीएम समीक्षा जैन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच कराने एवं नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

रिपोर्टर : सुरेश कुमार द्विवेद्वी 

 

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