परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाली यात्री बसों पर कार्यवाही एवं सघन चेकिंग अभियान संचालित करने के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग

पन्ना :  सागर संभाग आयुक्त अनिल सुचारी की अध्यक्षता में गत दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी वीसी कक्ष में अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान एवं आरटीओ सुनील शुक्ला उपस्थित रहे। बैठक में संभाग आयुक्त ने सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्री बसों की जांच कर यदि कोई बस परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। इस संबंध में संबंधित टोल प्लाजा से भी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
स्लीपर बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्देशानुसार सभी स्लीपर बसों में एआईएस-119 बस बॉडी कोड के तहत सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इसके अंतर्गत प्रवेश एवं निर्गम के लिए अलग-अलग दो दरवाजे, अग्नि सुरक्षा हेतु एफडीएसएस प्रणाली, आगे-पीछे 10-10 किलोग्राम के अग्निशमन यंत्र तथा चार इमरजेंसी गेट (ड्राइवर साइड, पीछे के गेटवे एवं छत पर आगे-पीछे) होना आवश्यक है। साधारण श्रेणी की बसों की फिटनेस जांच भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। इनमें भी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दो अग्निशमन यंत्र (आगे एवं पीछे) होना जरूरी है। साथ ही सभी बसों में प्रवेश एवं निर्गम के लिए अलग-अलग दो दरवाजे तथा कम से कम एक इमरजेंसी गेट (ड्राइवर साइड) होना अनिवार्य है। सभी यात्री बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं पैनिक बटन लगाए जाने तथा उनके सुचारू रूप से कार्य करने की भी जांच करने को कहा गया।
आगामी शादी-विवाह एवं त्योहारों के मद्देनजर यात्रियों की संख्या बढ़ने और यातायात दबाव को देखते हुए ओवरलोडिंग एवं ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण हेतु सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया न वसूला जाए। स्कूल बसों की व्यवस्थित जांच के निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों और वे चालू अवस्था में हों। प्रत्येक स्कूल बस में एक अटेंडर होना अनिवार्य है तथा छात्राओं के परिवहन की स्थिति में महिला अटेंडर या महिला शिक्षिका की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यह भी पाया गया कि शादी-विवाह के अवसर पर स्कूल बसों का उपयोग बिना परमिट मैरिज पार्टी के परिवहन में किया जाता है। ऐसे मामलों में अवैध रूप से संचालित बसों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि सभी परिवहन अधिकारी अपने-अपने जिलों में बस संचालकों की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित कर लिए गए निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। 
संभागायुक्त श्री सुचारी ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नए नियमों के तहत अब सभी यात्री बसों में पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरा और आपातकालीन निकास की सुविधा होना अनिवार्य है। साथ ही अब संभाग में 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के संचालन को प्रतिबंधित किया जाएगा। यह कदम पुरानी बसों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने और बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से उठाया गया है। किसी भी बस में अनधिकृत रूप से मॉडिफिकेशन (बदलाव) पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल बसों का उपयोग केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए ही करने के निर्देश दिए हैं। इनका उपयोग किसी अन्य व्यावसायिक या निजी कार्यों में पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। साथ ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्कूल बस में एक प्रशिक्षित केयरटेकर का होना अनिवार्य कर दिया गया है। बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा मानकों की समय-समय पर सघन जांच की जाएगी। संभागायुक्त ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन नियमों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन करवाएं और नियमित चेकिंग अभियान चलाएं, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुगम हो सके।

रिपोर्टर : रफ़ी 

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