श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन
पवई : ग्राम पंचायत कुंवरपुर में इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आज के पावन प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, वामन अवतार, बलि यज्ञ तथा श्रीराम अवतार की दिव्य कथाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। कथा वाचक पंडित श्री दशरथ प्रसाद त्रिपाठी जी ने अपने मधुर और ओजस्वी मुखारविंद से इन प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की महिमा, कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने की कथा और गोकुल में आनंदोत्सव का सजीव चित्रण किया गया। वामन अवतार की कथा में भगवान विष्णु द्वारा राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर उनके अभिमान को दूर करने और धर्म की स्थापना करने का संदेश दिया गया। बलि यज्ञ के प्रसंग में दान, त्याग और समर्पण की भावना को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
श्रीराम अवतार की कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और धर्म पालन के प्रसंगों को सुनाकर श्रोताओं को प्रेरित किया गया कि वे भी अपने जीवन में सत्य, धर्म और कर्तव्य का पालन करें। कथा के दौरान वातावरण भक्ति रस में सराबोर रहा और पूरा पंडाल जय श्रीराम एवं जय श्रीकृष्ण के उद्घोषों से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य श्रोता के रूप में कन्हैयालाल त्रिपाठी, श्रीमती सोमवती त्रिपाठी एवं त्रिपाठी परिवार सहित समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्था भी सुचारू रूप से की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस प्रकार ग्राम कुंवरपुर में आयोजित यह भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी हुई है, बल्कि लोगों के जीवन में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का संचार भी कर रही है।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार द्विवेदी

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