सांदीपनि विद्यालय पवई की सुरक्षा भगवान भरोसे, अधूरी बाउंड्री और अतिक्रमण से बढ़ी चिंता

पवई : नगर के बीच स्थित सांदीपनि विद्यालय पवई इन दिनों गंभीर सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। विद्यालय की अधूरी बाउंड्री वॉल, सीमांकन की प्रक्रिया लंबित रहने और लगातार बढ़ते अतिक्रमण के कारण विद्यालय परिसर बाहरी लोगों के लिए शॉर्टकट मार्ग बनता जा रहा है। पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग से मोहन्द्रा रोड जाने वाले लोग विद्यालय परिसर के आसपास से लगातार आवाजाही कर रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

विद्यालय की उत्तरी सीमा, जो मोहन्द्रा-मेंद्रा रोड की ओर पड़ती है, वहां नगर परिषद की रोक के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत सामने आई है। कलेक्टर महोदय के निर्देश के बाद भी अब तक सीमांकन और तरमीन नहीं हो पाई है, जिसके कारण विद्यालय की बाउंड्री और मुख्य गेट का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।
विद्यालय संचालक एवं प्रिंसिपल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। कई बार शासन और प्रशासन को पत्र लिखे गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रिंसिपल ने कहा,
“मैं प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते थक गया हूं। अभी कुछ दिन पहले कलेक्टर महोदय भी यहां आई थीं, उन्होंने सर्वे भी किया था, लेकिन उसके बाद भी आज तक कोई समाधान नहीं निकला। विद्यालय में बच्चियां पढ़ती हैं, कल को कोई गलत हरकत या बड़ी घटना हो गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? मेरी सिर्फ इतनी मांग है कि विद्यालय की सीमा सुरक्षित कर दी जाए ताकि मैं पूरी बाउंड्री बनवा सकूं और बच्चों को सुरक्षित माहौल दे सकूं।”
उन्होंने आगे कहा,
“सुबह के समय बाहरी महिलाएं पीछे से जबरदस्ती अंदर घुसकर घूमने आती हैं। कई लोग साइकिल लेकर विद्यालय परिसर में घूमते रहते हैं। ऐसा लगता है जैसे यह विद्यालय नहीं बल्कि मॉर्निंग वॉकिंग मैदान बन गया हो। मैं यह सारी बातें प्रशासन को कई बार बता चुका हूं, लेकिन प्रशासन अब तक गहरी नींद में सो रहा है।”
विद्यालय संचालक ने यह भी बताया कि पटवारी द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन खसरा, पंचनामा एवं संबंधित बी-1, नक्शा और अन्य दस्तावेजों की प्रतियां मिलने के बाद ही सही तरीके से तरमीन और सीमांकन का कार्य पूरा हो सकेगा। उनका कहना है कि उत्तरी भाग में दूसरा गेट लगाए जाने की भी आवश्यकता है ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, अधूरी बाउंड्री के कारण आए दिन जानवर भी विद्यालय परिसर में घुस जाते हैं। आवारा पशु परिसर में लगे पेड़-पौधे, घास और हरियाली को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे विद्यालय का वातावरण खराब हो रहा है और परिसर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।
विद्यालय संचालक ने चिंता जताते हुए कहा कि विद्यालय में तैनात चौकीदार आखिर कब तक निगरानी करते रहेंगे। जिस तरह लगातार बाहरी लोगों की आवाजाही और अतिक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में जब चौकीदार लोगों को रोकते हैं तो उनसे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। इससे सुरक्षा कर्मचारियों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने पत्रकारों, प्रशासन और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा,
“मैं मीडिया, प्रशासन और नगर के नागरिकों से निवेदन करता हूं कि विद्यालय की सुरक्षा के इस मुद्दे को गंभीरता से लें और हमारा सहयोग करें, ताकि विद्यालय का कार्य सुचारू रूप से चल सके और बाउंड्री वॉल का निर्माण जल्द पूरा हो सके।”
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि उत्तरी हिस्से में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और कुछ लोग विद्यालय सीमा के अंदर तक निर्माण कार्य एवं टैंक निर्माण जैसी गतिविधियां कर रहे हैं। इससे विद्यालय परिसर की सुरक्षा और अधिक कमजोर हो गई है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले विद्यालय की दक्षिणी बाउंड्री फांदकर नामदेव परिवार के यहां चोरी की घटना भी हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। इस घटना के बाद से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जल्द सीमांकन कराकर विद्यालय की बाउंड्री वॉल और गेट निर्माण पूरा कराया जाए, जिससे विद्यालय परिसर सुरक्षित हो सके और अवांछित तत्वों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

रिपोर्टर : सुरेश कुमार

 

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