Red Glow पपीते की ये हाइब्रिड वैरायटी साबित होगी फायदे का सौदा...
बरसात का मौसम पपीते की खेती के लिए काफी अनुकूल माना जाता है। अगर आप अपने घर के बगीचे या खेत में पपीते की खेती करना चाहते हैं तो रेड ग्लो (Red Glow) हाइब्रिड वैरायटी एक बेहतर विकल्प हो सकती है। यह किस्म कम समय में अच्छी पैदावार देने के साथ-साथ स्वादिष्ट और पौष्टिक फलों के लिए जानी जाती है।
आइए जानते हैं पपीते की रेड ग्लो वैरायटी की खासियत, बीज खरीदने की जगह और लगाने का सही तरीका...
पपीते की रेड ग्लो हाइब्रिड वैरायटी बेहतर स्वाद, अधिक उत्पादन और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए प्रसिद्ध है। इसके पौधे मजबूत होते हैं और रोगों से लड़ने की क्षमता भी अच्छी होती है। रोपाई के करीब 8 से 10 महीने बाद फल आना शुरू हो जाते हैं। एक पौधे से लगभग 80 से 100 किलो तक पपीते का उत्पादन मिल सकता है। इसके फलों का गूदा गहरे लाल रंग का होता है, जो इसे स्वाद और गुणवत्ता के मामले में खास बनाता है।
कहां से खरीदें बीज और कितनी है कीमत?
रेड ग्लो पपीते के हाइब्रिड बीज राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) के स्टोर से ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं। यहां किसानों और बागवानी करने वालों के लिए कई प्रकार के बीज उपलब्ध हैं। रेड ग्लो वैरायटी के 50 बीजों का पैकेट करीब 300 रुपये में उपलब्ध है। ये बीज अच्छी अंकुरण क्षमता वाले माने जाते हैं।
कैसे लगाएं रेड ग्लो पपीते के बीज?
मिट्टी:
पपीते की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली, उपजाऊ और हल्की रेतीली मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का पीएच स्तर 6 से 7 के बीच होना बेहतर रहता है।
रोपाई का सही समय:
बरसात का मौसम, खासकर जुलाई का महीना, पपीते की रोपाई के लिए अच्छा समय माना जाता है।
अंकुरण:
अनुकूल मौसम और सही देखभाल मिलने पर बीज से पौधे लगभग 10 से 15 दिनों में अंकुरित होने लगते हैं।
ध्यान रखें:
पपीते की अच्छी पैदावार के लिए खेत में पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। समय-समय पर खाद, सिंचाई और रोग नियंत्रण का ध्यान रखकर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
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