22 जुलाई को गोवंश जतन और गोसंवर्धन दिवस पालम तहसील ऑफिस में गोसेवकों की तरफ से सरकारी ऑफिसों में जश्न मनाने की मांग को लेकर बयान
परभणी : महाराष्ट्र सरकार के राज्य माता गोमाता घोषित करने के बाद, 22 जुलाई को राज्य में सरकारी, सेमी - गवर्नमेंट ऑफिसों, स्कूलों, कॉलेजों के साथ - साथ ग्राम पंचायत और जिला परिषद लेवल पर ऑफिशियली शुद्ध देसी गोवंश जतन और गोसंवर्धन दिवस के तौर पर मनाया जाना चाहिए।
ऐसी मांग श्री सद्गुरु बालकृष्ण गोशाला पालम, के सेक्रेटरी अविनाश देवीदासराव जोशी पालमकर ने तहसील ऑफिस पालम में की। बयान में मांग की गई है कि 22 जुलाई को राज्य भर के सभी सरकारी ऑफिसों में राज्य माता गोमाता के लिए पूजा और पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किए जाएं।
यह भी मांग की गई है कि शुद्ध देसी गोवंश जतन और गोसंवर्धन दिवस पर सभी स्लॉटरहाउस और नॉन - वेजिटेरियन खाने की दुकानें बंद रखी जाएं।
इसके अलावा, एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट को देसी गायों के बचाव के लिए खास पहल करनी चाहिए, गौशाला ड्राइवरों, ग्वालों, चरवाहों और गौरक्षकों को सम्मानित करना चाहिए, जानवरों के डॉक्टर के कैंप, सेमिनार, लोगों में जागरूकता फैलाने वाले कैंप और गायों के बचाव पर अलग-अलग प्रोग्राम करने चाहिए, ऐसी मांग बयान में की गई है। इस बार, बयान पर इन चरवाहों ने साइन किए: रामेश्वर शिवाजी सुरनार, रामदास पंडितराव नाइकवाडे, बबन हनवते, संदीप खंडागले, अंकुश मोहिते, सतीश दुधाटे, प्रमोद ईनामदार, विजय पवार, अशोकराव रोकड़े, किशन पक्ती, अमोल सुपेकर, नरहरि लोखंडे, आदी थे।
रिपोटर : शांतीलाल शर्मा
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