कोटपा कानून के तहत 18 पान-टपरी चालकों पर दंडात्मक कार्रवाई
परभणी : राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत दि. 29 दिसंबर 2025 को परभणी शहर के नूतन स्कूल रोड, साप्ताहिक बाजार, स्टेशन रोड एवं सेलू परिसर में कोटपा कानून का उल्लंघन करने वाले 18 पान-टपरी चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 5 हजार 900 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण के आदेशानुसार तथा जिला शल्य चिकित्सक डॉ. नागेश लखमावार के मार्गदर्शन में की गई। जिला तंबाकू नियंत्रण कक्ष, उपजिला अस्पताल सेलू, सेलू पुलिस स्टेशन तथा मराठवाड़ा ग्रामीण विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान चलाया गया। कोटपा कानून क्या है? सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद निषेध अधिनियम, 2003 (COTPA Act) केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया कानून है। इस कानून में कुल पांच प्रमुख प्रावधान हैं। इसके अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना अपराध है। किसी भी शैक्षणिक संस्था के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं तंबाकूजन्य उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनसे बिकवाना भी कानूनन अपराध है।
सरकारी कार्यालयों में धूम्रपान करना, तंबाकू का सेवन करना अथवा थूकना प्रतिबंधित है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। तंबाकू के धुएं एवं तंबाकूजन्य पदार्थों के सेवन से आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसे ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
कोटपा कानून के अंतर्गत धारा 4 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर 200 रुपये का जुर्माना है। वहीं धारा 5 के अंतर्गत तंबाकू एवं तंबाकूजन्य उत्पादों के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध है। इस धारा के तहत पहला अपराध होने पर 2 वर्ष तक की सजा या 1 हजार रुपये तक का जुर्माना, तथा दूसरा अपराध होने पर 5 वर्ष तक की सजा या 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान
रिपोर्टर : रामकिशन ठोंबरे

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