संसद में हंगामा, यूपी विधानसभा में संग्राम! पूरे दिन चला सियासी घमासान

संसद के गलियारों से लेकर लखनऊ की सडकों तक राजनीति का तापमान अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है! संसद के मानसून सत्र का आज 12वां दिन था और पूरे दिन सिर्फ एक ही आवाज गूंजती रही...'हंगामा, नारेबाजी और जबरदस्त आर-पार!' जी हां विपक्ष पूरी तरह से आक्रामक मूड में है और सरकार भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। आज दिल्ली की संसद से लेकर लखनऊ में यूपी विधानसभा तक जो कुछ भी हुआ, उसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन, राम मंदिर के चढ़ावे पर घमासान, और दूसरी तरफ हंगामे के बीच ताबड़तोड़ पास होते बिल! जी हां, आज तीनों ही सदनों में विपक्ष का प्रचंड रूप देखने को मिला, जिसके चलते आखिर में तीनों ही सदनों की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। आइए आपको बताते हैं आज दिनभर की इस सबसे बड़ी और सियासी जंग की पल-पल की पूरी कहानी!

दरअसल, आज सुबह जैसे ही 11 बजे संसद की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के तेवर देखकर ही साफ हो गया था कि आज का दिन हंगामेदार रहने वाला है। संसद के मकर द्वार पर लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसदों ने एक होकर प्रचंड प्रदर्शन किया। विपक्ष की मांग थी कि छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन में आएं और जवाब दें। 
लेकिन आपको बता दें सबसे ज्यादा गर्मी बढ़ी राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर! सपा सांसद डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव संसद के बाहर चंदा गिनते नजर आए, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। खरगे ने कहा कि जब मंदिर के ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया, 70 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी और प्रधानमंत्री खुद भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल रहे, तो फिर चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों पर वे जवाबदेही से कैसे बच सकते हैं? खरगे ने सवाल उठाया कि आखिर इस मामले में ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां खामोश क्यों हैं? वहीं विपक्ष की इस मांग पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने करारा पलटवार किया। उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष सिर्फ और सिर्फ नाटक कर रहा है, ये लोग भगवान राम के विरोधी हैं और इन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। 

आपको बता दें संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सीधा वेल में आ गए। जमकर नारेबाजी हुई और तख्तियां लहराई गईं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बार-बार अपील की कि यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, सांसद अपनी सीटों पर लौटें ताकि जरूरी मुद्दों और बजट खर्च पर चर्चा हो सके। लेकिन विपक्ष टस से मस नहीं हुआ। इसी भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच, सरकार ने विधायी कामकाज को रुकने नहीं दिया। जी हां लोकसभा ने संविधान के अनुच्छेद 114 के तहत संचित निधि से सरकारी खर्च निकालने का कानूनी अधिकार देने वाला सबसे जरुरी "द एप्रोप्रिएशन बिल" बिना किसी विस्तृत चर्चा के सीधे ध्वनिमत से पास कर दिया गया। वहीं इससे पहले सोमवार को भी हंगामे के बीच सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला "सुप्रीम कोर्ट संशोधन अध्यादेश, 2026" ध्वनिमत से पारित कराया जा चुका है। आपको बता दें कि सरकार की योजना आज कई अन्य अहम विधेयकों जैसे आयकर बिल, जन्म-मृत्यु पंजीकरण बिल, MSME विकास बिल, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल और विदेशी अंशदान संशोधन बिल को भी दोनों सदनों से पास कराने की थी। साथ ही कॉर्पोरेट कानून बिल, 2026 पर बनी जॉइंट कमिटी के चेयरपर्सन सांसद सुधीर गुप्ता ने आज अपनी रिपोर्ट स्पीकर ओम बिरला को सौंपी। लेकिन लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर 2 बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। अब अगले चरण में फाइनेंस बिल पर चर्चा होनी है।

वहीं उधर दिल्ली में संसद गर्म थी, तो इधर लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया! यूपी सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें ऊर्जा, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, कृषि और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों के लिए बड़ा फंड आवंटित किया गया है। लेकिन जैसे ही बजट पेश हुआ, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में चंदा चोर, चढ़ावा चोर और बजट चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार हर बार बड़ा बजट लाती है लेकिन उसका 30 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पाती। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह बजट लाया गया है। 

वहीं दूसरी तरफ हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को जमकर घेरा। सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष नियमों और परंपराओं को ताक पर रखकर सिर्फ हल्लाबोल की राजनीति कर रहा है। सपा का यह आचरण पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर सीएम योगी ने साफ किया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से जारी है, इसके लिए SIT का गठन कर दिया गया है और दोषियों पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जा रहा है। वहीं सदन में सपा विधायकों के वेल में आकर धरना देने और प्लेकार्ड दिखाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने सपा के चंदा चोरी के आरोपों पर चुटकी लेते हुए यहां तक कह दिया कि "जिसने चंदा दिया हो, वो रसीद लेकर आए!" 

तो कुल मिलाकर आज का दिन राजनीतिक रूप से बेहद गर्मा रहा। संसद से लेकर विधानसभा तक, विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो वहीं सरकार ने भी हंगामे के बीच अपने वित्तीय बिल पास करवाकर यह साफ कर दिया कि वह बैकफुट पर नहीं आने वाली है। जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये और संसद का कीमती समय आज फिर भेंट चढ़ गया। और अब ताजा अपडेट यह है कि विपक्षी सांसदों के उग्र प्रदर्शन, भारी नारेबाजी और लगातार होते व्यवधान के कारण संसद के दोनों सदनों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा यानी तीनों ही सदनों की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब तीनों सदनों की बैठक कल सुबह 11 बजे दोबारा शुरू होगी। ऐसे में कल देखना दिलचस्प होगा कि क्या कल सदन में जनता के मुद्दों पर कोई शांत चर्चा हो पाएगी, या फिर कल भी यही हंगामा और वार-पलटवार का दौर जारी रहेगा!

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