कृष्णगढ़ में मनरेगा योजना के तहत 'खेत तालाब' निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया

पवई : शासन की योजनाओं मनरेगा कि आड़ में सरंपच सचिव भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम किशनगढ़ की घटना उपसरपंच दीपेंद्र त्रिपाठी ने लगाएं सरपंच सचिव पर आप जनसुनवाई में शिकायती आवेदन पत्र कोई कार्यवाही नही कि तो कलेक्टर पन्ना के यहां न्याय की गुहार 

शिकायतें ठंडे बस्ते 

पन्ना जिले की जनपद पंचायत पवई के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में मनरेगा योजना के तहत 'खेत तालाब' निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर सरकारी धन का बंदरबांट किया है। इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत के उपसरपंच ने जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और वसूली की मांग की है।
मेड़ को बताया तालाब, निकाल ली राशि
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में उपसरपंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत स्वीकृत किए गए खेत तालाबों का निर्माण धरातल पर हुआ ही नहीं है। सचिव और सरपंच ने कागजों में हेरफेर कर हितग्राहियों के खेतों की साधारण 'मेड़ बंधान' को ही खेत तालाब दर्शा दिया और शासकीय राशि का आहरण कर लिया। आवेदन के साथ उन हितग्राहियों की सूची भी संलग्न की गई है, जिनके नाम पर यह फर्जीवाड़ा हुआ है।
शिकायतों पर नहीं हो रही सुनवाई
उपसरपंच का दर्द है कि भ्रष्टाचार की यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत पवई को भी साक्ष्यों के साथ आवेदन दिया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपसरपंच ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि:
"दर्जनों बार आवेदन देने के बाद भी प्रशासन मौन है। ऐसा लगता है कि जनसुनवाई मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गई है और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।"
कठोर कार्रवाई और वसूली की मांग
शिकायत में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए। यदि जांच निष्पक्ष होती है, तो करोड़ों के घोटाले की परतें खुल सकती हैं। उपसरपंच ने मांग की है कि दोषियों से राशि की वसूली की जाए और उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार द्विवेदी 

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