रहमतों,बरकतों और इबादत का महीना रमजान अपने आखिरी दौर में

पवई : पन्ना जिले की तहसील पवई की बड़ी जामा मस्जिद एवं नन्ही पवई मस्जिद में 26 वां रोजा पूरा होने के बाद 27 वीं शब यानी शबे कद्र की मुबारक रात मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत के साथ इबादत में गुजारी। इस खास रात पर लोगों ने देश और दुनिया में अमन-शांति के लिए दुआएं मांगी।

पन्ना जिले की पवई तहसील स्थित बड़ी जामा मस्जिद एवं नन्ही पवई मस्जिद में रमजान के आखिरी अशरे में पड़ने वाली शबे कद्र की रात मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी रात जागकर इबादत की। 26वां रोजा पूरा होने के बाद 27 वीं शब को बड़ी संख्या में अकीदतमंद मस्जिद पहुंचे और नमाज अदा की रमजान का महीना इस्लाम में बेहद पाक और बरकतों वाला माना जाता है। इस महीने में मुसलमान रोजा रखकर सब्र, संयम और इंसानियत का पैगाम देते हैं। साथ ही नमाज, कुरान की तिलावत, जकात और जरूरतमंदों की मदद करने पर भी खास जोर दिया जाता है।
शबे कद्र की रात को लैलतुल कद्र भी कहा जाता है। इसी रात कुरान मस्जिद फुरकान ए हबीब  नाजिल हुई थी और इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से बेहतर मानी जाती है। इसी वजह से इस रात मस्जिदों में खास इबादत का सिलसिला चलता है पवई की बड़ी जामा मस्जिद में भी लोगों ने नमाज अदा की, कुरान की तिलावत की और अल्लाह रब्बुल आलमीन से दुआ की कि देश में अमन, भाईचारा और शांति बनी रहे रमजान का महीना रहमत और बरकत का महीना होता है। खास तौर पर शबे कद्र की रात बहुत अहम होती है। इस रात इबादत करने का सवाब हजार महीनों की इबादत से बेहतर बताया गया है। हम सभी ने मिलकर अल्लाह तबारक व ताला से दुआ करते है कि देश में अमन-चैन और भाईचारा बना रहे ललित भाई हाफिज अकील अहमद ने रमजान की फजीलत बयान की आप सुन सकते हैं।

संवाददाता : सुरेश कुमार द्विवेदी 

 

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