45 की उम्र से पहले पीरियड्स बंद होना क्यों हो सकता है चिंता का संकेत? जानिए दिल से जुड़ा कनेक्शन

मेनोपॉज महिलाओं की जिंदगी में होने वाला एक प्राकृतिक बदलाव है। इस दौरान पीरियड्स बंद होने के साथ हॉट फ्लैशेज, नींद में परेशानी, मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन अगर माहवारी 45 साल की उम्र से पहले ही बंद हो जाए, तो इसे सामान्य बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
 
कम उम्र में होने वाले मेनोपॉज को अर्ली मेनोपॉज कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका संबंध हृदय स्वास्थ्य से भी हो सकता है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि अर्ली मेनोपॉज वाली हर महिला को दिल की बीमारी होगी, लेकिन ऐसी स्थिति में हार्ट हेल्थ को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
 
एस्ट्रोजन कम होने से दिल पर क्या असर पड़ता है?
 
मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है। एस्ट्रोजन का असर सिर्फ प्रजनन तंत्र तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह हृदय और रक्त वाहिकाओं की सेहत से भी जुड़ा है।
 
मेनोपॉज के बाद कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर में बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा रक्त वाहिकाओं की लचक भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि कम उम्र में मेनोपॉज होने पर नियमित स्वास्थ्य जांच और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है।
 
45 साल से पहले मेनोपॉज क्यों हो सकता है?
 
अर्ली मेनोपॉज के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
 
जेनेटिक कारण: कुछ महिलाओं में ओवरी की कार्यक्षमता कम उम्र में ही घट सकती है।
सर्जरी: ओवरी से जुड़ी कुछ सर्जरी के बाद पीरियड्स समय से पहले बंद हो सकते हैं।
कैंसर का इलाज: कीमोथेरेपी या रेडिएशन का असर ओवरी की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है।
ऑटोइम्यून बीमारियां: कुछ ऑटोइम्यून स्थितियां भी ओवरी के कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं।
40 साल से पहले पीरियड्स बंद हो जाएं तो क्या करें?
 
अगर 40 वर्ष की उम्र से पहले पीरियड्स आना बंद हो जाएं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। जांच के जरिए इसके पीछे की वजह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।
 
साथ ही ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, खान-पान, शारीरिक गतिविधि और अन्य हार्ट हेल्थ फैक्टर्स पर भी ध्यान देना जरूरी है।
 
अर्ली मेनोपॉज का मतलब हार्ट डिजीज होना नहीं
 
अर्ली मेनोपॉज को सीधे तौर पर हृदय रोग का संकेत मानना सही नहीं होगा। हर महिला की स्थिति अलग होती है और इसके पीछे के कारण भी अलग हो सकते हैं।
 
इसलिए 45 साल से पहले पीरियड्स बंद होने पर घबराने के बजाय इसे अपनी सेहत पर अतिरिक्त ध्यान देने के संकेत के तौर पर लेना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह और नियमित स्वास्थ्य जांच से संभावित जोखिमों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

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