“पीरियड के दर्द में आराम पाने के लिए अपनाएं ये 5 योगासन और जानें इन्हें करने का सही तरीका”
आजकल बदलती जीवनशैली, तनाव और हार्मोनल असंतुलन की वजह से पीरियड्स के दौरान दर्द (पीरियड पेन) आम समस्या बन गई है। कई महिलाओं को मासिक धर्म के पहले दिन से लेकर पूरे पीरियड के दौरान पेट, कमर और जांघों में तेज दर्द, भारीपन, थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। कुछ के लिए तो यह दर्द इतना तीव्र होता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग राहत के लिए तुरंत पेनकिलर ले लेते हैं, लेकिन बार-बार दवा का इस्तेमाल लंबे समय में शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
ऐसे में योग एक प्राकृतिक, सुरक्षित और असरदार उपाय साबित होता है। योगासन न केवल मांसपेशियों को आराम देते हैं, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर पेट और पेल्विक एरिया की जकड़न को भी कम करते हैं। साथ ही, ये तनाव और मूड स्विंग्स को संतुलित करने में भी मददगार हैं।
आइए जानते हैं 5 ऐसे योगासन जो पीरियड पेन में राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
बालासन से मिलेगा दर्द में आराम
यह आसन पीठ, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और पीरियड के दर्द को कम करने में मदद करता है। इसे करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं। दोनों घुटनों को हल्का सा फैलाकर एड़ियों पर बैठें। फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं और माथा जमीन पर टिकाएं। हाथों को आप आगे की ओर फैला सकते हैं या शरीर के पास पीछे रख सकते हैं। सामान्य सांस लेते हुए इस स्थिति में 1–3 मिनट तक आराम से रहें।
मालासन करने का सही तरीका
यह आसन पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और पेट के निचले हिस्से की जकड़न को कम करता है, जिससे पीरियड दर्द में काफी राहत मिलती है।इसे करने के लिए सीधे खड़े हों और पैरों को कंधों की चौड़ाई से थोड़ा ज्यादा फैलाएं। धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए स्क्वाट पोज़ में नीचे बैठें। दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में छाती के सामने जोड़ें और कोहनियों से हल्के से घुटनों को बाहर की ओर दबाएं। ध्यान रखें कि रीढ़ सीधी बनी रहे। इस स्थिति में 30–60 सेकंड तक आराम से रहें।मालासन पेल्विक मसल्स को खोलता है और ऐंठन को कम करने में मदद करता है।
भुजंगासन से पीरियड क्रैम्प्स को आराम दें
यह आसन पेट के अंगों को सक्रिय करता है और पीरियड के दौरान होने वाले क्रैम्प्स को कम करने में मदद करता है।इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और पैरों को सीधा फैलाएं। हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर टिकाएं। सांस लेते हुए धीरे-धीरे सिर, छाती और पेट का ऊपरी हिस्सा उठाएं। ध्यान रखें कि कोहनियां हल्की मोड़ी हुई हों और कंधे कानों से दूर रहें। इस स्थिति में 15–30 सेकंड तक रहें, फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।


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