पंपों पर लंबी कतारें, ड्रम-बोतल लेकर दौड़े लोग—क्या सच में खत्म हो गया तेल?
तीन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली घबराहट और सरकार की प्रतिक्रिया पर अपडेट सामने आया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन कुछ राज्यों में लोगों की घबराहट के कारण अस्थायी समस्या देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण पैनिक बाइंग यानी डर के कारण जरूरत से ज्यादा खरीदारी करना है। इसके अलावा कुछ इलाकों में कृषि कार्यों के चलते डीजल की मांग बढ़ी है और कुछ बड़े खरीदारों द्वारा एक साथ ज्यादा मात्रा में ईंधन लेने से भी सप्लाई पर दबाव पड़ा है।
सरकार के अनुसार पहले कुछ निजी सप्लायरों से मांग हटकर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और पेट्रोल पंपों पर आ गई, जिससे कुछ जगहों पर असंतुलन दिखा। इस स्थिति पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर लगातार नजर रख रही हैं और सप्लाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्रालय स्तर पर भी हर पेट्रोल पंप की आपूर्ति पर निगरानी की जा रही है ताकि जहां भी कमी हो, वहां तुरंत स्टॉक भेजा जा सके और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार ने यह भी कहा कि कई जगहों पर अफवाहों की वजह से हालात बिगड़े हैं। इसी कारण लोग ड्रम, बोतल और बड़े कंटेनर लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं। इससे लंबी कतारें लग गईं और कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त ईंधन जमा न करें, क्योंकि देश में पर्याप्त सप्लाई मौजूद है।

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