उड़ान से ठीक पहले क्यों प्लेन से आती है तेज बदबू? पायलट ने किया खुलासा, आखिर किस चीज की होती है दुर्गंध
कभी-कभी जब हम प्लेन में बैठते हैं या टेकऑफ के लिए तैयार होते हैं, तो अचानक नाक में एक अजीब और तेज़ खुशबू आती है। कुछ लोग इसे नई कार जैसी खुशबू बताते हैं, तो किसी को मेपल सिरप, प्याज, पसीने या शराब जैसी गंध लगती है। ये खुशबू हमेशा से ही यात्रियों के लिए एक रहस्य रही है। लेकिन अब एक पायलट ने बताया है कि असल में ये गंध कहां से आती है।
रेडिट और ऐसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस अजीब खुशबू के बारे में अक्सर चर्चा करते रहते हैं। कुछ लोगों का मानना था कि यह प्लेन में किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से आती है। लेकिन सच क्या है? ये गंध असल में कहां से आती है?
अब इसका राज खुल चुका है। इंस्ट्रक्टर पायलट और एविएशन एक्सपर्ट केविन सिंह ने रीडर्स डाइजेस्ट को बताया कि ये अजीब खुशबू डी-आइसिंग फ्लूइड की वजह से आती है, जो प्लेन को बर्फ से बचाने के लिए इस्तेमाल होता है।
क्या है ये स्मेल?
सर्दियों में जब तापमान बहुत कम होता है, तो प्लेन के पंखों, टेल और बाकी हिस्सों पर बर्फ या फ्रॉस्ट जम जाती है। अगर इसे समय पर साफ न किया जाए, तो हवा सही से नहीं बहती और प्लेन को टेकऑफ के लिए जरूरी लिफ्ट नहीं मिलती, जिससे उड़ान खतरनाक हो सकती है।असल में, 1982 में एयर फ्लोरिडा फ्लाइट 90 इसी वजह से क्रैश हो गई थी, जिसमें 78 लोगों की जान गई। इसके बाद डी-आइसिंग को अनिवार्य कर दिया गया।
डी-आइसिंग का प्रोसेस दो स्टेप्स में होता है:ग्राउंड क्रू सबसे पहले हीटेड डी-आइसिंग फ्लूइड से पंखों और सतहों पर जम चुकी बर्फ हटा देता है।फिर एंटी-आइसिंग फ्लूइड लगाया जाता है, जो एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाता है ताकि नई बर्फ जम न पाए।पूरा प्रोसेस आमतौर पर 10 से 20 मिनट में पूरा हो जाता है।
केमिकल से आती है महक
ये डी-आइसिंग फ्लूइड ग्लाइकोल (एथिलीन या प्रोपाइलीन ग्लाइकोल) और पानी का मिश्रण होता है। इसका काम फ्रीजिंग पॉइंट को बहुत नीचे कर देना है, ताकि बर्फ जम न पाए। इसे आप कार की विंडशील्ड डी-आइसिंग स्प्रे जैसी चीज़ समझ सकते हैं।
ग्लाइकोल अल्कोहल-बेस्ड होता है, इसलिए इसकी हल्की मीठी खुशबू कुछ लोगों को ई-सिगरेट लिक्विड जैसी लगती है। ज्यादातर लोग इसे मेपल सिरप जैसी मीठी महक बताते हैं, लेकिन कभी-कभी यह प्याज या पसीने जैसी तीखी गंध भी दे सकता है।
पायलट्स डी-आइसिंग के दौरान आम तौर पर एयर कंडीशनिंग बंद कर देते हैं, लेकिन फिर भी कुछ वाष्प प्लेन के अंदर आ सकते हैं, खासकर अगर स्प्रे इंजन या एपीयू के पास होता है। तभी यात्री इस अजीब खुशबू को महसूस करते हैं।

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