भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट के साथ अंतरिक्ष गया पीएम मोदी का खास संदेश

भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सफल उड़ान भरी। इस मिशन की एक खास बात यह रही कि रॉकेट अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा संदेश "वंदे मातरम" भी अंतरिक्ष में लेकर गया।

हैदराबाद की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 की पहली परीक्षण उड़ान 'मिशन आगमन' के तहत की गई। इस रॉकेट को 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 350 किलोग्राम तक का पेलोड स्थापित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

कंपनी के अनुसार, मिशन के पेलोड में प्रधानमंत्री मोदी का हाथ से लिखा एक विशेष पोस्टकार्ड भी शामिल था, जिसमें उन्होंने "वंदे मातरम" लिखकर मिशन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजीं। लॉन्च से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए इस विशेष पोस्टकार्ड की जानकारी दी।

स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि प्रधानमंत्री के संदेश के अलावा, इस मिशन में कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और देश-विदेश के अनेक शुभचिंतकों द्वारा भेजे गए हाथ से लिखे संदेश भी शामिल किए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इस पहल ने 'मिशन आगमन' को एक जनभागीदारी वाले उत्सव का रूप दे दिया, जिसमें लाखों लोगों की शुभकामनाएं जुड़ीं।

मिशन के लिए शुभकामना संदेश भेजने वाले प्रमुख व्यक्तियों में केंद्रीय अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, इसरो अध्यक्ष वी. नारायण, पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ तथा भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला शामिल हैं।

लॉन्च से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और देश के युवा नवाचारकर्ताओं को प्रेरित करे। साथ ही उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं, से इस मिशन का अनुसरण करने और इसकी सफलता की कामना करने की अपील भी की।

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