अब बारी है UCC की! पीएम मोदी ने साफ किया बीजेपी का अगला एजेंडा, विपक्ष के उड़े होश!
आज 6 अप्रैल है, भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस! लेकिन आज का यह दिन सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि आने वाले कल के 'नए भारत' के रोडमैप का ऐलान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर के करोड़ों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वो हुंकार भरी है, जिससे विरोधियों के खेमे में हलचल मच गई है। राम मंदिर बन गया, अनुच्छेद 370 हट गया, लेकिन अब बारी है UCC और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की! पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि ये मुद्दे ठंडे बस्ते में नहीं, बल्कि बीजेपी के एजेंडे के टॉप पर हैं। क्या देश अब एक विधान और एक चुनाव की ओर बढ़ चुका है?
स्थापना दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि बीजेपी अपने वैचारिक संकल्पों से पीछे हटने वाली नहीं है। पीएम ने कहा कि पूरे देश में विवाह, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान कानून लागू करना हमारी प्राथमिकता है। इस पर सकारात्मक चर्चा चल रही है। बार-बार होने वाले चुनावों के खर्च और बाधाओं को खत्म करने के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की दिशा में सरकार तेज़ी से आगे बढ़ रही है। "यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का मुद्दा है जिस पर देश में एक गंभीर विमर्श शुरू हो चुका है।"
पीएम मोदी ने विपक्षी कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इतिहास के पन्ने पलटे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा: बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के शासन में, खासकर आपातकाल (Emergency) के दौरान असहनीय उत्पीड़न झेला है। पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि वहां 'हिंसा को राजनीतिक संस्कृति' बना दिया गया है, जहां हमारे कार्यकर्ताओं ने अपनी जान तक कुर्बान कर दी। पीएम ने गर्व से कहा कि बीजेपी दुनिया की इकलौती ऐसी पार्टी है जहाँ कार्यकर्ता दल को अपनी 'मां' मानते हैं और राष्ट्र सेवा को ही अपना धर्म समझते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के क्रांतिकारी कामों को गिनाते हुए बताया कि कैसे बीजेपी ने नामुमकिन को मुमकिन किया है:
राम मंदिर का निर्माण: सदियों का इंतज़ार खत्म हुआ।
तीन तलाक की बेड़ियाँ: मुस्लिम महिलाओं को मिला इंसाफ।
CAA और 10% सवर्ण आरक्षण: सामाजिक न्याय की नई परिभाषा।
गुलामी की मानसिकता को मिटाकर नए संसद भवन का निर्माण।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भविष्य में भी सकारात्मक परिणाम मिलते रहेंगे क्योंकि बीजेपी हर चुनौती का सामना 'ईमानदारी' से करती है। उनके मुताबिक, स्थापना दिवस हर कार्यकर्ता के लिए एक भावनात्मक अवसर है जो हमें याद दिलाता है कि हमें खुद के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रोदय के लिए काम करना है।
पीएम मोदी का आज का संबोधन साफ इशारा है कि आने वाले दिन भारतीय राजनीति में बड़े बदलावों के गवाह बनने वाले हैं। UCC और 'एक देश-एक चुनाव' अब केवल चुनावी जुमले नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत बनने की राह पर हैं। 47 साल के इस सफर में बीजेपी ने शून्य से शिखर तक की जो यात्रा तय की है, उसका अगला पड़ाव अब और भी भव्य होने वाला है। क्या विपक्ष मोदी के इस 'विजय रथ' को रोक पाएगा? या फिर 2027 तक भारत का राजनीतिक भूगोल पूरी तरह बदल जाएगा?


No Previous Comments found.