विदेशी पत्रकार ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, राहुल गांधी को दिया इंटरव्यू का ऑफर!

साहब, राजनीति भी बड़ी अजब-गजब चीज है! चिंगारी कहीं और सुलगती है और धुआं भारत के सियासी गलियारों से निकलने लगता है। जी हां इस वक्त देश के राजनीतिक अखाड़े में एक नया और बेहद हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो चुका है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों के स्टूडियो तक में आग लगा दी है। दरअसल, कहानी शुरू होती है खूबसूरत देश नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आधिकारिक यात्रा पर गए थे। वहां एक प्रेस इवेंट खत्म ही हुआ था कि एक विदेशी महिला पत्रकार ने कुछ ऐसा किया, जिसने भारत के अंदर सत्ता पक्ष और विपक्ष को तलवारें खींचने पर मजबूर कर दिया। लेकिन ट्विस्ट सिर्फ इतना नहीं है! असली धमाका तो तब हुआ जब इस पूरे मामले में कांग्रेस के शहजादे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एंट्री हो गई। जिस पत्रकार ने पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की थी, उसने अब सीधे राहुल गांधी के पाले में गेंद डाल दी है। अब सोशल मीडिया पर तंज कसे जा रहे हैं, 'चीनी एजेंट' के नारे लग रहे हैं और बीजेपी इसे भारत को बदनाम करने की एक एक साजिथ बता रही है। ऐसे में आइए, जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला। 

दरअसल, पूरा मामला नॉर्वे की राजधानी ओस्लो का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे एक साझा प्रेस ब्रीफिंग कर रहे थे। दोनों देशों के राष्ट्रध्यक्षों ने अपनी बात रखी और जैसे ही यह संयुक्त मीडिया इवेंट खत्म हुआ, वहां मौजूद नॉर्वे की पत्रकार हेल्ले लिंग ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए अचानक चिल्लाकर पीएम मोदी की तरफ एक तीखा सवाल उछाल दिया। हेल्ले लिंग ने चीखते हुए पूछा: "आप दुनिया के सबसे स्वतंत्र प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?" 

बस, फिर क्या था! इस एक सवाल की गूंज ओस्लो से उड़ी और दिल्ली आते-आते एक बड़ा सियासी बवंडर बन गई। विदेशी पत्रकार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। भारत में विपक्ष को बैठे-बिठाए एक ऐसा मुद्दा मिल गया, जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी। इस वीडियो को देखते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिना एक पल गंवाए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोर्चा खोल दिया। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा: "जब छिपाने को कुछ नहीं होता तो डरने की क्या बात है? जब दुनिया एक समझौता-प्रिय और कमजोर प्रधानमंत्री को सवालों से भागते देखती है, तो भारत की छवि पर क्या असर पड़ता है?"

वहीं राहुल गांधी ने पत्रकार हेल्ले लिंग के पोस्ट को शेयर करते हुए पीएम मोदी को सवालों से भागने वाला करार दे दिया। कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल था कि उन्होंने पीएम मोदी को वैश्विक मंच पर घेर लिया है। लेकिन राजनीति के इस खेल में पासा पलटते देर नहीं लगी! राहुल गांधी के इस हमले के कुछ ही घंटों बाद पत्रकार हेल्ले लिंग ने एक ऐसा दांव चल दिया, जिसने कांग्रेस को ही सकते में डाल दिया। हेल्ले ने सीधे राहुल गांधी के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए उन्हें फोन इंटरव्यू का ऑफर दे दिया! ऐसे में अब पासा पूरी तरह पलट चुका था। जिस विदेशी पत्रकार के कंधे पर बंदूक रखकर राहुल गांधी पीएम मोदी पर निशाना साध रहे थे, उसी पत्रकार ने अब बंदूक का रुख राहुल गांधी की तरफ कर दिया था। मजेदार बात यह है कि इस कड़क ऑफर के बाद से राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। अभी तक कांग्रेस नेता ने इस इंटरव्यू के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है। वहीं दूसरी तरफ जैसे ही हेल्ले लिंग ने राहुल गांधी से समय मांगा, भारतीय जनता पार्टी ने इसे हाथों-हाथ लिया और विपक्ष के खिलाफ एक बड़ा नैरेटिव सेट कर दिया। 

बीजेपी के आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने मैदान में उतरते हुए इस पूरे घटनाक्रम को भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि भारतीय विपक्ष देश के भीतर तो चुनाव जीत नहीं पा रहा है, इसलिए अब विदेशी पत्रकारों और ताकतों के माध्यम से भारत और पीएम मोदी को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर तो जैसे सैलाब आ गया। भारतीय यूजर्स ने हेल्ले लिंग को आड़े हाथों लिया। ट्रोलर्स ने उन्हें 'चीनी एजेंट' तक कह डाला और आरोप लगाया कि वे सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए इस तरह की हरकतें कर रही हैं। आपको बता दें इस भयंकर ट्रोलिंग के बीच पत्रकार ने एक और बड़ा दावा ठोक दिया, जिसने इस विवाद में थोड़ा और तड़का लगा दिया। लिंग ने दावा किया कि भारत के खिलाफ बोलने और पीएम मोदी से सवाल पूछने की वजह से उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है। 

देखा जाए तो इस पूरे मामले ने अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया है। जो विपक्ष कल तक इस विदेशी पत्रकार को सच्चाई का मसीहा मानकर पीएम मोदी को घेर रहा था, आज वही विपक्ष अपने ही जाल में फंसा हुआ है। अगर राहुल गांधी हेल्ले लिंग को इंटरव्यू देते हैं, तो उन पर बीजेपी के 'विदेशों से साठगांठ' वाले आरोपों को और हवा मिलेगी। और अगर वे इंटरव्यू नहीं देते हैं, तो सोशल मीडिया पर लोग पूछेंगे कि 'जब छिपाने को कुछ नहीं था, तो राहुल जी आप खुद क्यों भाग रहे हैं?' कुल मिलाकर यह घटना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कैसे भारत की आंतरिक राजनीति को अब जानबूझकर वैश्विक मंच पर घसीटने की कोशिशें की जा रही हैं। बहरहाल, ओस्लो की उस पत्रकार का एक तीर सीधे दिल्ली के दिल में आकर लगा है। अब देखना मजेदार होगा कि क्या राहुल गांधी इस विदेशी पत्रकार का फोन उठाते हैं या फिर 'नो कमेंट्स' कहकर इस विवाद से पल्ला झाड़ लेते हैं। 

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