पीएमओ का नया पता: साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक

नई दिल्ली में ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) शुक्रवार को नए सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा। पीएम मोदी शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में होने वाली अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे और इसके बाद नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय भी शिफ्ट होगा।

सेवा तीर्थ – शासन का नया केंद्र
सेवा तीर्थ एक बड़े परिसर में विभाजित है: सेवा तीर्थ 1 में पीएमओ, सेवा तीर्थ 2 में कैबिनेट सचिवालय, और सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और NSA का कार्यालय। इससे अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाली संवेदनशील संस्थाओं का समन्वय आसान होगा।

इतिहास और बदलाव
साउथ ब्लॉक की नींव 1931 में पड़ी थी और यहां पहली कैबिनेट बैठक जवाहरलाल नेहरू ने की थी। पीएमओ का विकास 1947 में प्रधानमंत्री सचिवालय से शुरू हुआ, 1964 में लाल बहादुर शास्त्री के समय इसका वैधानिक दर्जा मिला और 1977 में इसे पीएमओ का नाम दिया गया।

भविष्य में साउथ ब्लॉक
पीएमओ के शिफ्ट होने के बाद साउथ-ब्लॉक इमारतों को युग युगीन भारत संग्रहालय में बदल दिया जाएगा।

प्रतीकात्मक महत्व
लगभग 1,200 करोड़ रुपये में तैयार सेवा तीर्थ केवल नई इमारत नहीं, बल्कि सत्ता और प्रशासन के काम करने के नए ढांचे का प्रतीक है। इसका नाम भी पहले के “कार्यपालिका परिसर” से बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया है, जो प्रशासन में सेवा और जवाबदेही को महत्व देता है।

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