RJD नेता तेजस्वी यादव के मंदिर के बाद इफ्तार पार्टी में शामिल होने से सियासी हलचल तेज...

Adarsh Kanoujia

इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने है जिसके चलते बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में राजद नेता तेजस्वी यादव का पहले प्राचीन देवी अहिल्या स्थान में पूजा-अर्चना और फिर रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल होना वोटरों को साधने के नरीऐ से देखा जा रहा है। आपको बता दे कि, राजद के नेता तेजस्वी दरभंगा के प्राचीन देवी अहिल्या स्थान में पूजा-अर्चना करके सीधे इफ्तार पार्टी के लिए निकल लिए। विवाद इस बात को लेकर भी है कि मंदिर में तेजस्वी यादव के माथे पर जो टीका लगा था, वो इफ्तार पार्टी के समय गायब हो गया और उसकी जगह जालीदार टोपी ने ले ली। इससे बिहार की राजनीति में जोरदार उबाल है।

कुछ महीनों में ही बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को पूरा हो रहा है। मसलन राज्य में उसके पहले ही चुनाव कराए जाने हैं। हालांकि इस चुनावी माहौल में तेजस्वी यादव की अलग राजनीति नजर आती है, क्योंकि राजद नेता इफ्तार पार्टी में जाते-जाते टीका भूल गए और टोपी पहन ली। तेजस्वी यादव ने यहां लोगों को संबोधित भी किया और कहा कि यहां इफ्तार का आयोजन हुआ है। रमजान के पाक महीने पर मुस्लिम भाइयों को हम शुभकामनाएं देते हैं।

तेजस्वी यादव ने की मुस्लिमों को साधने की कोशिश-

अब तक पटना में राबड़ी आवास पर होते आए दावत-ए इफ्तार के आयोजन से अलग राजद बिहार के अलग-अलग हिस्सों में जाकर इफ्तार पार्टी रख रही है। खासकर मिथिलाचंल पर इस बार राजद का फोकस है, जहां बीते 10 सालों में पार्टी की पकड़ बहुत कमजोर रही है। ऐसे में यहां सतही तौर पर जमीन मजबूत करने की कोशिश में राजद ने चुनावी को बढ़ती तपिश की बीच इस बार मिथिलांचल में इफ्तार पार्टी रखी, जिसमें तेजस्वी यादव शामिल हुए। यहां मुस्लिमों को इस बात को याद कराने में तेजस्वी कतई पीछे नहीं रहे। इसका राजनीतिक पहलू ये है कि बिहार में मुस्लिम वोट बैंक बेहद अहम माना जाता है।

मुस्लिमों की ओर फोकस करते हुए अपने बयान में तेजस्वी यादव ने कहा- 'जब भी हम और लालू यादव जी, इफ्तार करते थे तो बहुत हमारे मिथिलांचल के भाई पटना नहीं पहुंच पाते थे। इस वजह से लगा कि दरभंगा के जाले में भी इफ्तार का आयोजन हो, ताकि खुशियां बांट सकें।' अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव के सिर पर जालीदार टोपी थी।

मंदिर में पूजा पाठ पर तेजस्वी ने क्या कहा?

दरभंगा दौरे के समय तेजस्वी यादव ने पिछले दिन प्राचीन देवी अहिल्या स्थान पर दर्शन किया। उन्होंने माथे पर तिलक लगाया था और पुष्प-दीप अर्पित करते हुए मंत्रोच्चारण के साथ पूजा पाठ किया। तेजस्वी यादव ने 'X' पर लिखा- ‘दरभंगा के प्राचीन देवी अहिल्या स्थान में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति, उन्नति और समृद्धि की मंगलकामना की। ऐसा मान्यता है कि रामायण काल में भगवान राम ने इसी स्थान पर देवी अहिल्या का उद्धार किया था। ये मंदिर माता सीता के जन्म स्थान से करीब 40 किलोमीटर दूर है।’

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