रामनवमी को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल...
पश्चिम बंगाल में रामनवमी के उत्सव को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। विश्व हिंदू परिषद सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने रामनवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल में करीब 2000 रैलियां निकालने की घोषणा की है। इससे पिछले सालों में रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता बढ़ गई है। रामनवमी के दिन हिंसा के मद्देनजर बंगाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और 9 अप्रैल तक पूरे राज्य में अपने कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अतिरिक्त महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश बुधवार को तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
इधर विश्व हिंदू परिषद ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका कर दी है। वीएची ने बांकुरा के सालतोरा में राम नवमी पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी है। सालतोरा एक आदिवासी इलाका है। VHP का कहना है कि जिला पुलिस ने उन्हें सालतोरा में जुलूस निकालने की अनुमति इसलिए नहीं दी, क्योंकि उसी दिन, 6 अप्रैल को, उसी जगह पर दूसरे जुलूस भी होने हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पश्चिम बंगाल इकाई का कहना है कि जुलूस प्रशासनिक नियमों के अनुसार ही निकाले जाएंगे। नियमों को तोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
सुवेंदु अधिकारी ने किया 2,000 रैलियां निकालने का ऐलान-
पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस साल रामनवमी पर कम से कम 2,000 रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें छोटी और बड़ी दोनों शामिल होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल रामनवमी की रैलियों में पिछले साल की तुलना में दोगुनी भीड़ होगी। उन्होंने कहा, 'रामनवमी इस साल बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। मैं उस दिन सड़कों पर रहूंगा। पिछले साल रामनवमी के अवसर पर रैलियों में भाग लेने के लिए लगभग 50 लाख हिंदू सड़कों पर थे। पिछले साल 1000 रैलियां थीं। इस साल 2000 रैलियां होंगी और लगभग एक करोड़ हिंदू इन रैलियों में भाग लेंगे।
पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई-
पश्चिम बंगाल पुलिस के दो बड़े अफसरों ने मीडिया को बताया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग आने वाले दिनों में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनका निशाना रामनवमी का त्योहार हो सकता है। अतिरिक्त महानिदेशक सुप्रतिमा सरकार ने कहा कि कुछ लोग पोस्टर या पोस्ट के जरिए लोगों को भड़काने की योजना बना रहे हैं। पुलिस अलर्ट है। अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश हो सकती है।
ममता बनर्जी ने दी चेतावनी-
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम जानते हैं कि भगवान राम ने रावण को मारने के लिए देवी दुर्गा से आशीर्वाद लेने के लिए शरद ऋतु में उनकी पूजा की थी। हमारी दुर्गा पूजा हर साल उसी समय होती है, यह भगवान राम द्वारा देवी दुर्गा की पूजा को ध्यान में रखकर की जाती है। क्या वह राम नवमी नहीं थी? इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि राम नवमी के अवसर पर राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को प्रशासन नहीं बख्शेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश न करें। पश्चिम बंगाल के लोग दंगों के खिलाफ हैं। हम रामकृष्ण परमहंस के उपदेशों का पालन करते हैं, न कि 'जुमला पार्टी' के प्रचारों का। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राम नवमी के अवसर पर राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वह लोगों को बांटने और दंगा जैसी स्थिति पैदा करने के लिए एक नया धार्मिक सिद्धांत लाए हैं। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी हमेशा धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर हैं।
2024 में रामनवमी पर हुए थे दंगे-
पश्चिम बंगाल में रामनवमी के अवसर पर दो जगह हिंसा थी। मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा शहर में मस्जिद के पास से शोभायात्रा निकालने के बाद दो समुदायों के बीच संघर्ष हुआ। इस बीच बम फटने की भी सूचना मिली।
वहीं मेदिनीपुर के इगरा में भी दो समुदाय के बीच झड़प हुई और आगजनी की गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा में 18 लोगों के घायल होने की खबर थी। इसमें दो नाबालिग, एक महिला और कुछ पुलिस कर्मी भी शामिल थे।

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