यूपी विधानसभा झड़प का नौबत, नेता प्रतिपक्ष मिली चेतावनी

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हाथापाई तक पहुँच गई। मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद और सपा विधायकों के बीच विवाद उस समय भड़का जब सपा सदस्य वेल में जाकर मंत्री के हाथ से कागज छीनने लगे। मंत्री और उनके दल के विधायक उग्र हो गए और संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इसे हमले की कोशिश करार देते हुए पीठ से शिकायत की।
 
विवाद की वजह
 
मंत्री संजय निषाद ने बजट पर अपने वक्तव्य में सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने निषाद समाज की समस्याओं और पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने मछुआरों के लिए एक भी पैसा नहीं दिया और केंद्रीय सहायता भी ग़लत इस्तेमाल हुई। इसके बाद उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की और अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। उनके तीखे बयानों के कारण सपा सदस्य विरोध स्वरूप वेल में चले गए।
 
नेता प्रतिपक्ष को चेतावनी
 
डॉ. संजय निषाद ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा कथित जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी गई तो एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सामाजिक न्याय रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछड़ों के लिए आरक्षित 27% में से कुछ वर्गों ने गलत तरीके से हिस्सेदारी ले ली, जिससे सदन में और भी विरोध उत्पन्न हुआ।
 
सदन में शांति स्थापित
 
विवाद बढ़ने पर सपा सदस्य मंत्री के हाथ से कागज छीनते दिखे और संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने हस्तक्षेप की मांग की। जब मामला शांत नहीं हुआ, तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और कहा कि सदन की कार्यवाही नियमित रूप से जारी रहे।

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