पूर्वांचल के राजनीतिक दिग्गज फागू चौहान की बिगड़ी तबीयत
पूर्वांचल के राजनीतिक दिग्गज और बिहार-मेघालय के पूर्व राज्यपाल फागू चौहान की स्वास्थ्य स्थिति शनिवार की देर शाम अचानक खराब हो गई। उन्हें तुरंत लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार, पिछले दो दिनों से उन्हें पेशाब में जलन की शिकायत थी। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सुधार के लिए उन्हें अस्पताल में एडमिट करने की सलाह दी। प्रारंभिक रिपोर्ट में उन्हें यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) की पुष्टि हुई और आगे की जांच चिकित्सकों की देखरेख में जारी है। इस दौरान पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।
राजनीतिक परिचय और पृष्ठभूमि
फागू चौहान मूलतः उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शेखपुरा ग्रामसभा के निवासी हैं। उनके परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि पड़ोसी जिले मऊ की घोसी और मधुबन विधानसभा से जुड़ी रही है। पिछड़े समाज के प्रमुख नेता फागू चौहान का जन्म 1 जनवरी 1948 को हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी से नौवीं विधानसभा के सदस्य के रूप में की और इसके बाद जनता दल, बसपा और भाजपा से जुड़कर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
विधायक और राज्यपाल के रूप में करियर
फागू चौहान छह बार विधायक रहे। पहली बार 1985 में नौवीं विधानसभा के सदस्य बने और 1991 में जनता दल, 1996 और 2002 में भाजपा, 2007 में बसपा और 2017 में फिर भाजपा से विधायक चुने गए। जुलाई 2019 में उन्होंने बिहार के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली, जिसके कारण घोसी में उपचुनाव हुआ। बाद में 2023 में उन्होंने मेघालय के 20वें राज्यपाल के रूप में भी शपथ ली। विधायिका में रहते हुए फागू चौहान 2002 और 2007 में मंत्री पद पर भी रहे।
बेटे रामबिलास चौहान का बयान
फागू चौहान के बेटे रामबिलास चौहान, जो वर्तमान में मऊ की मधुबन विधानसभा सीट से विधायक हैं, ने बताया कि उनके पिता की तबीयत पिछले दो दिनों से खराब थी। चिकित्सीय परामर्श और जांच के बाद उन्हें लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जांच के दौरान यूटीआई की पुष्टि हुई, और आगे की जांचें जारी हैं। रामबिलास चौहान ने कहा कि फिलहाल पिता की स्थिति कुछ बेहतर लग रही है और चिकित्सकीय देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
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