यूरिक एसिड कंट्रोल करना है तो इस आटे में ये 5 चीजें

खून में बढ़ते यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए गेहूं के बजाय आप कुछ हेल्दी रोटियों का सेवन कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में ...डायबिटीज से लेकर कोलेस्ट्रॉल और हाई यूरिक एसिड तीनों ही बीमारियों में खानपान का सही होना जरूरी होता है. अगर खानपान सही हो तो ये बीमारियां नेचुरली ही ठीक होने लगती है. आज आपको इन तीनों ही बीमारियों में खाने वाले सबसे अच्छे आटे के बारे में बताएंगे और साथ ही इस आटे में 5 चीजें मिक्स कर रोटी बनाने का वो तरीका बताएंगे जो आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.

छोड़ दें ये आटा

भारतीय खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है रोटी और कई बीमारियों को बढ़ाने में गेहूं का आटा जिम्मेदार होता है. इसलिए अगर आप इन तीन बीमारियों से बचना चाहते हैं तो सबसे पहले गेहूं का आटे से बनी रोटी को छोड़ दें और यहां बताए जा रहे आटे का यूज शुरू कर दें.

इस आटे में कई रोगों का इलाज

मंडआ, रागी या कोदो ये तीनों ही एक चीजें हैं. फिंगर मिलेट के नाम से आने वाला ये आटा उच्च फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और हाई यूरिक एसिड में इसे अगर खाना शुरू कर दिया जाए तो ये तीनों ही रोग अपने आप ही कंट्रोल हो जाएंगे. 

रागी के आटे में मिलाएं ये 5 चीजें

रागी के 1 किलो आटे में आप सूरजमूखी, फ्लैक्स और मगज के बीज 20 ग्राम के करीब धीमी आंच पर भून कर पीसकर मिला लें. इसके आलावा इस आटे में आप 50 ग्राम बेसन और 50 ग्राम ही सोयाबीन का आटा मिला लें. अब इस आटे से बनी रोटियां खाना शुरू कर दें. देखते ही देखते आपके शरीर में जमी चर्बी भी खत्म होगी और ये तीनों बीमारियां भी. ध्यान रहे जब भी ये आटा खाएं आप इसके साथ पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन रिच सब्जियों को शामिल करें.

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