अब उड़कर पहुंचेगी आपकी डाक! भारतीय डाक विभाग ने शुरू की नई तकनीक

भारतीय डाक विभाग ने पारंपरिक डिलीवरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। देश के ऐसे इलाके जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां अब ड्रोन के जरिए चिट्ठियों और पार्सल की डिलीवरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। असम और हिमाचल प्रदेश में इस तकनीक का इस्तेमाल खास तौर पर दूरदराज के क्षेत्रों को तेज डाक सेवा से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।

हिमाचल में घंटों का सफर मिनटों में

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में ड्रोन डिलीवरी को लेकर डाक विभाग ने स्काई एयर मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है। योजना के तहत करीब 110 ड्रोन कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इसका मकसद उन गांवों और क्षेत्रों तक डाक सेवाओं को आसानी से पहुंचाना है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क से सामान पहुंचाने में काफी समय लगता है।

ड्रोन के एक परीक्षण में तकनीक की क्षमता सामने आई। जिस दूरी को पार करने में सड़क या पैदल मार्ग से करीब दो घंटे लगते थे, उसे ड्रोन ने महज सात मिनट में पूरा कर लिया। इससे भविष्य में जरूरी सामान और डाक सामग्री की तेज आवाजाही की उम्मीद बढ़ी है।

असम में भी तैयार होगा ड्रोन नेटवर्क

पूर्वोत्तर भारत के असम में भी ड्रोन आधारित डिलीवरी व्यवस्था को विस्तार देने की योजना है। यहां करीब 40 रूट प्रस्तावित किए गए हैं। नदियों, घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

इस व्यवस्था के जरिए दवाइयों, जरूरी दस्तावेजों और अन्य पार्सल को कम समय में उन स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा, जहां सामान्य परिवहन माध्यमों से डिलीवरी चुनौतीपूर्ण रहती है।

ग्रामीण डिलीवरी में आ सकता है बड़ा बदलाव

डाक विभाग की इस पहल को केवल तेज डिलीवरी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। ड्रोन तकनीक के जरिए ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। निजी तकनीकी कंपनियों के सहयोग से तैयार होने वाला यह नेटवर्क आने वाले समय में डाक पहुंचाने के पारंपरिक तरीकों का विकल्प बन सकता है।

इस पहल की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका की ओर से साझा की गई पोस्ट के जरिए भी सामने आई है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारतीय डाक सेवा अब पारंपरिक डाक व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है।

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