परिवार सहित इस्लाम को छोड़कर सनातन धर्म में शामिल होने की जताई इच्छा
प्रतापगढ़ : हमारे पूर्वज सनातनी थे, धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपना लिया था। अब हम परिवार के साथ सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं। इसमें किसी का कोई दबाव नहीं है। सनातन धर्म में शामिल होने से पहले पत्नी और बच्चों से सलाह मश्विरा करने के बाद यह कदम उठाया है। यह बातें छत्तीसगढ़ बेमेतरा निवासी किसान अनवर अली ने कहीं।
अनवर अली ने बताया कि उनके पिता जलालुद्दीन बिजली विभाग में कार्यरत थे। उन्होंने दो निकाह किया था। पहला निकाह पट्टी के दाउदपुर गांव निवासी हबीबुल निशा से किया था। छत्तीसगढ़ में नौकरी के दौरान उन्होंने दूसरा निकाह कर लिया। दो पत्नियों से सात भाई, दो बहनें हैं। अनवर ने बताया कि वह तीन सगे भाई हैं। सात माह पहले उनके पिता जलालुद्दीन का देहांत हो गया। पड़ोस के रहने वाले उनके दोस्त विनोद शर्मा ने बताया कि उनके पिता अक्सर पूर्वजों की चर्चा करते थे। बताते थे कि वह पहले सनातनी थे। अनवर का दावा है कि पारिवारिक बातचीत में भी वह घर पर इसका जिक्र किया करते थे। पिता के देहांत के बाद पत्नी हसीना खान और बेटे सैफ अली, समत खान से इस विषय पर चर्चा की गई। सभी ने एक मत से सनातन अपनाने पर अपनी सहमति जताई।
14 मार्च के प्रस्तावित कार्यक्रम में होगा शुद्धीकरण
धर्म परिवर्तन के बाद ये कहलाएंगे पहले अब अनवर अली अर्जुन सिंह,हसीना खान प्रिया सिंह,सैफ अली संजय सिंह,समत खान संतोष सिंह बचपन से शामिल होते रहे हैं धार्मिक कार्यक्रमों में अनवर ने बताया कि पट्टी के दाउदपुर में ननिहाल में लगभग 11-12 साल रहे। इस दौरान वह सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उनका दावा है कि बचपन से ही सनातन धर्म के प्रति झुकाव रहा है। बताया कि उन्होंने हमेशा से सनातन के सभी त्योहार हर्षोउल्लास के साथ मनाते रहे हैं।
अनवर अली का कहना है कि धर्म परिवर्तन की खबर मिलते ही हिन्दू संगठन, बजरंग दल सहित अन्य कई संगठनों ने उनसे संपर्क किया और पूछा कि कहीं आप दबाव में तो नहीं हैं। अनवर ने उन्हें आश्वस्त किया कि यह फैसला परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया है। अनवर का दावा है कि 14 मार्च को बिलासपुर के पास कोरबा में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में वह सनातन धर्म में शामिल हो जाएंगे।
रिपोर्टर : रोहित जायसवाल


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