दुनियाभर में तेल का हाहाकार: कई देशों में फ्यूल राशनिंग और लॉकडाउन जैसी स्थिति
प्रतापगढ़ : वैश्विक ऊर्जा संकट ने इस समय पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। विकसित देशों से लेकर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं तक, हर जगह ईंधन की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई देशों में तो स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सरकारों को फ्यूल राशनिंग और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं।
प्रमुख देशों का हाल: कहाँ क्या है स्थिति?
नीचे दी गई तालिका से समझें कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तेल संकट का क्या असर पड़ा है:
देश वर्तमान स्थिति और सरकारी कदम
श्रीलंका - यहां फ्यूल राशनिंग लागू है। प्राइवेट गाड़ियों को हफ्ते में सिर्फ 15 लीटर ईंधन मिल रहा है।
पाकिस्तान - पेट्रोल की कीमतें 55 PKR तक बढ़ गई हैं। स्थिति को देखते हुए स्कूल 2 हफ्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं।
जापान - यहां भी राशनिंग लागू है और सरकार जनता को एनर्जी वाउचर बांट रही है।
वियतनाम और थाईलैंड - ईंधन बचाने के लिए सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य किया गया है।
फ्रांस और जर्मनी - गैस की कीमतें 45% तक बढ़ गई हैं। पेट्रोल पंपों पर लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है।
दक्षिण अफ्रीका - कई इलाकों में डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
बांग्लादेश - पेट्रोल पंपों पर कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं और भारी किल्लत बनी हुई है।
अमेरिका - यहां गैस की कीमतों में 11 सेंट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्टर - ब्यूरो रिपोर्ट

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