आचार्यपीठ श्री लक्ष्मणकिला में 108 बटुकों का उपनयन संस्कार सम्पन्न

प्रयागराज :  महंत मैथिली रमन शरण महाराज श्री लक्ष्मणकिलाधीश की अध्यक्षता में अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण के संयोजन में श्री रामलला वैदिक गुरुकुल पाठशाला के बटुक गणों के द्वारा वा संस्थापक आचार्य सदाशिव तिवारी के आचार्यत्व में इस मौके पर उपस्थित कानपुर से महंत सीताकांत शरण सतगुरु कुटी के महंत अवध किशोर शरण महंत अमित कुमार दास आचार्य शिव शंकर बाजपेई महंत अवध बिहारी शरण आचार्य ऋषि शरण काशी से पधारे आचार्य प्रियांश धर द्विवेदी आचार्य आलोक मिश्र वशिष्ठ दास वा सैकड़ो श्रद्धालु शिष्य परिकर सूर्य प्रकाश शरण ने बताया गुरूदेव भगवान ने सभी को कृपा करके सभी बटुकों को मंत्र दीक्षा दी उपनयन का शास्त्रों में कितना महत्व है अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण ने बताया ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं, प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्।आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं, यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः।

(हे भगवान, कृपया इस उपवीत को स्वीकार करें)

यह यज्ञोपवीत जो बहुत पवित्र है और शुरुआत में प्रजापति से उत्पन्न हुआ है ,जो दीर्घायु देने में सबसे प्रमुख है , यह यज्ञोपवीत जिसे सफेद धागे के रूप में पहना जाता है , जो शक्ति (बल) देता है और वैभव (तेजस)से भर देता है ,जो नौ धागों को मिलाकर बनाया गया है , जो तीन गुणों (त्रिगुणों) का प्रतिनिधित्व करता है और देवताओं को समाहित करता है ,मेरे द्वारायह (पवित्र) उपवीत , कृपया हे गणनायक (गणों के नेता) स्वीकार करें16 संस्कार में से एक प्रमुख संस्कार उपनयन संस्कार है वैशाख , कृष्ण , प्रतिपदा तिथि दिनांक 14 अप्रैल 2025 को किया गया

रिपोर्टर : डीके मिश्रा 

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