मृत्युंजय भगवान् शिव मुक्ति एवं भुक्ति देते हैं

प्रयागराज : ब्रह्मानंद सरस्वती आश्रम अरैल में महर्षि स्मारक के निकट वेदविद्यामार्तंड ब्रह्मचारी डॉ गिरीश के नेतृत्व में श्री शिव पुराण की कथा चल रही है। जिसमें विद्वान आचार्य डॉ निलिम्प त्रिपाठी ने बताया कि परमात्मा अंत: करण सापेक्ष हैं। वे कृपा करते हैं। प्रभु साधन से नहीं, अपितु स्वभाव से सिद्ध होते हैं। भगवान प्रभाव नहीं स्वभाव देखते हैं। आज आचार्य जी ने 12 ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनाई तथा भगवान शिव के द्वारा विभिन्न अवतारों को सूक्ष्म रूप से विवेचित किया। भारी संख्या में भक्त आ रहे हैं। इस अवसर पर आचार्य सुनील जी ने पुष्पमाला पहनाकर गुरु जी का स्वागत किया। कार्यक्रम में संदीप दुबे, विमल त्रिपाठी, अरिन्दम त्रिपाठी तथा प्रभाकराचार्य त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : डीके मिश्रा

 

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