सनातन धर्म के ध्वजवाहक और बाघेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में

प्रयागराज : सनातन धर्म के ध्वजवाहक और बाघेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि संगम नगरी अरैल  में पत्रकारों से बातचीत में सवालों का जवाब देते हुए 'ज्ञानवापी' और 'लेंसकार्ट' जैसे विवादों पर बड़ी बात कही है। बाबा ने साफ कर दिया है कि समय बदल रहा है और जल्द ही शिव की नगरी में कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। बाबा ने कहा कि बाघेश्वर बालाजी भगवान की कृपा से प्रयागराज में तीन दिवसीय हनुमान कथा का आयोजन हो रहा है। 23 अप्रैल को भीषण गर्मी को देखते हुए शाम के समय 'दिव्य दरबार' लगाया जाएगा। ज्ञानवापी मस्जिद के विवाद के सवाल पर बाबा ने इसे 'कलंक' करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ जी के बगल में जो कलंक लगा है, वह मिटेगा। बहुत जल्द वहां रुद्राभिषेक होगा। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि एक समय लोग कहते थे कि पत्ता भी नहीं हिलेगा, लेकिन आज राम मंदिर बन गया है। ठीक वैसे ही ज्ञानवापी पर भी भगवा लहराएगा। हाल ही में चश्मा बनाने वाली कंपनी 'लेंसकार्ट' द्वारा कथित तौर पर धार्मिक भेदभाव या पहनावे पर टिप्पणी के मामले में बाबा ने  चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत के तीर्थों में सभी धर्मों के लोग व्यापार करते हैं, लेकिन कंपनियों को सनातन का अपमान करने का कोई हक नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो भारतीय संस्कृति और हिंदू प्रतीकों का मजाक उड़ाते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को भारत के कानून और यहां की आस्थावान जनता का सामना करना पड़ेगा। प्रयागराज की इस पावन धरती से धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र और सनातन की एकता का बिगुल फूंक दिया है। ज्ञानवापी को लेकर उनके इस आत्मविश्वास ने एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि बाबा के इन दावों पर सियासी गलियारों और धार्मिक संगठनों की क्या प्रतिक्रिया आती है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने अपनी बेबाक राय से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बार उनका निशाना बना है 'व्यापार और मजहब'। धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं से एक ऐसी अपील की है, जिससे नई बहस छिड़ गई है। व्यापार में यदि मजहब को आगे लाया जाएगा, तो देश की स्थिति बिगड़ेगी... मैं हिंदुओं से अपील करूँगा कि अपनी कंपनियों में सिर्फ हिंदुओं को ही काम दें। उन्होंने इजरायल-हमास या अन्य वैश्विक संघर्षों पर कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में युद्ध हो, उसका असर भारत पर पड़ता है। उन्होंने इसे एक उदाहरण से समझाया कि "तालाब में पत्थर फेंको या हीरा, तरंगें दोनों से उठती हैं धीरेंद्र शास्त्री ने महाराष्ट्र और नासिक की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि व्यापार में मजहब का हस्तक्षेप गलत है। उन्होंने सीधे तौर पर हिंदू व्यापारियों और उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी कंपनियों में केवल हिंदुओं को ही नौकरी दें। महिला आरक्षण बिल पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते' का श्लोक उद्धृत किया और कहा कि जिस देश में गंगा, गाय और गायत्री को माता माना जाता है, वहां महिलाओं को हक मिलना ही चाहिए। योगी आदित्यनाथ के 'काबा' वाले बयान के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत में काबा की नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ की आवश्यकता है। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या व्यापार को धर्म के चश्मे से देखना देश की आर्थिक एकता के लिए सही है? जहाँ एक तरफ उनके समर्थक इसे 'हिंदू जागृति' बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे समाज को बांटने की कोशिश करार दे रहे हैं। फिलहाल, शास्त्री जी ने साफ कर दिया है कि वे अपनी 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा और अपनी परंपराओं से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

महाराज श्री से जब उनके उस  बयान के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी, तो उन्होंने बड़े ही दार्शनिक भाव में जवाब दिया। बागेश्वर बाबा ने कहा कि अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम। जब उनके 30 बच्चे पल सकते हैं, तो हिंदू के चार क्यों नहीं पल सकते। उनका साफ कहना है कि पालन-पोषण की चिंता छोड़, संख्या बल पर ध्यान देना जरूरी है। समाज में बढ़ती दूरियों और जाति-धर्म के नाम पर बंटवारे पर भी बाबा ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने देशवासियों को एक विशेष संदेश दिया कि जातिवाद, भाषावाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर सिर्फ राष्ट्रवाद होना चाहिए। हमें जातियों में नहीं बंटना चाहिए, बल्कि एक तिरंगे के नीचे रहने की विचारधारा को स्थापित करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अब एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि वे जल्द ही पूरे देश में रथ यात्रा निकालेंगे। भारत हिंदू राष्ट्र होगा, इसके लिए प्रयत्न जारी है। 4 जुलाई को इसकी घोषणा करेंगे कि रथ यात्रा कहां से और कब निकलेगी। पूरे देश में यह यात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ चलेगी। गौ रक्षा के मुद्दे पर महाराज श्री ने कड़वी सच्चाई सामने रखी। उन्होंने कहा कि आज देश को गौ रक्षकों से ज्यादा गौ सेवकों की जरूरत है।वर्तमान में गौ रक्षक ज्यादा हैं और गौ सेवक कम। बागेश्वर बाबा ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी गाय को 'राज्य माता' घोषित करें। हाल ही में संतों और शंकराचार्यों के बीच हुए कुछ मतभेदों पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही परिपक्वता से जवाब दिया।

रिपोर्टर : डीके मिश्रा 

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