मेडिकल कॉलेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील, RDA ने प्रशासन को सौंपा 11 सूत्रीय मांग पत्र

प्रयागराज : प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। घटना के दूसरे दिन भी जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे रहे, जिसका सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दिया। मरीजों और तीमारदारों को इलाज के लिए घंटों परेशान होना पड़ा।
अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
मामले को शांत कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर समेत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और हालात सामान्य करने पर चर्चा की गई। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इधर, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के 24 घंटे बाद भी संस्थान की ओर से कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने, अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, 24x7 रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित करने, डॉक्टरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो हटाने की मांग शामिल है। साथ ही धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।
मांग पत्र में अधिवक्ता रजनीश सिंह रिशु पर प्राचार्य के साथ अभद्रता, धमकी और कॉल रिकॉर्ड वायरल करने का आरोप लगाते हुए बार एसोसिएशन से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं ट्रॉमा सेंटर में हुई घटना में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के लिए “एक मरीज-एक तीमारदार” नियम लागू करने, वीआईपी कल्चर खत्म करने और मरीजों की भर्ती केवल ट्रायज गाइडलाइंस के आधार पर करने की मांग भी रखी है। इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए हॉस्टल और आवास की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सुरक्षा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रयागराज के SRN अस्पताल में डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दूसरे दिन भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर डटे रहे। अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। RDA ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए सुरक्षा, FIR और रैपिड रिस्पॉन्स टीम की मांग की है।

रिपोर्टर : डीके मिश्रा

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