जलभराव से नरकीय हुई प्रयागराज की स्थिति, व्यापार मंडल ने अधिकारियों पर उठाए सवाल
प्रयागराज : लगातार बारिश के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव और उससे उत्पन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रयागराज व्यापार मंडल की बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक में कहा गया कि जिला उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बावजूद शहर में जलनिकासी, नाले-नालियों की सफाई और विद्युत व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन मनीष कुमार गुप्ता ने की। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुशांत कुमार केसरवानी ने कहा कि बारिश के दौरान शहर के अनेक क्षेत्रों में जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। समय रहते नाले-नालियों की सफाई नहीं कराए जाने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों और नागरिकों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जानी चाहिए।
महिला जिलाध्यक्ष जूही श्रीवास्तव ने कहा कि जलभराव के साथ विद्युत व्यवस्था भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। कई स्थानों पर बिजली के तारों और विद्युत व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, जिसके कारण लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। इससे आम जनता, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
युवा जिलाध्यक्ष प्रियंक कुमार गुप्ता (अंशु) ने कहा कि चुनावी वर्ष में सरकारी योजनाओं और स्मार्ट सिटी की मुहिम को धरातल पर सफल बनाने के बजाय अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी लापरवाही क्यों हो रही है और इसकी जांच होनी चाहिए कि कहीं कोई अधिकारी या विभाग जानबूझकर सरकार की छवि खराब करने वाली कार्यप्रणाली तो नहीं अपना रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन कई विभागों में अधिकारी कार्यालयों में उपलब्ध नहीं रहते और शिकायतों के लिए फोन तक नहीं उठाते। ऐसी कार्यशैली से जनता में असंतोष बढ़ रहा है और स्मार्ट सिटी जैसी महत्वपूर्ण मुहिम मजाक बनकर रह गई है।
व्यापार मंडल ने मांग की कि संबंधित विभागों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर लापरवाही की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जलभराव से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित व्यापारियों और नागरिकों के हित में उचित राहत एवं क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की जाए।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि जब तक विभिन्न विभागों में जिले के संभ्रांत एवं अनुभवी नागरिकों को ऑब्जर्वर अथवा सलाहकार के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक जमीनी स्तर की समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच दूरी बनी रहेगी। व्यापार मंडल ने मांग की कि जनहित से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक का संचालन बनारसी साहू एवं धीरज केसरवानी ने किया। इस अवसर पर नगर वरिष्ठ महामंत्री विनय कुमार केसरवानी (कटरा), नगर महामंत्री अतुल जायसवाल, आनंद जी टंडन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता, नगर संगठन मंत्री इंजीनियर विवेक गुप्ता, राजीव तिवारी, अखिलेश केसरवानी, प्रशान्त पाण्डेय, मुदित खत्री, रश्मि जायसवाल, कमलेश यादव, शाकिर खान, रंजीत केसरवानी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
रिपोर्टर : जाबिर अली
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