10 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक पाँच दिवसीय मजलिस-ए-ख़मसा का आयोजन किया जाएगा

प्रयागराज :  हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत की याद में प्रयागराज के मोइया सादात स्थित बारगाहे -ए-मासूमीन में आगामी 10 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक पाँच दिवसीय मजलिस-ए-ख़मसा का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित उलेमा,एवं धर्मगुरु अपनी तक़रीरों के माध्यम से हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की पवित्र जीवनी, उनके त्याग, धैर्य, धार्मिक आदर्शों तथा इस्लामी इतिहास में उनके महान स्थान पर प्रकाश डालेंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियाँ की जा रही हैं तथा श्रद्धालुओं में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) इस्लामी इतिहास की अत्यंत सम्मानित एवं पवित्र हस्तियों में से एक हैं। वे पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.अ.व.) की सुपुत्री तथा हज़रत अली (अ.स.) की पत्नी थीं। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, इबादत, त्याग, धैर्य, सत्यनिष्ठा और मानवता के उच्च आदर्शों का प्रतीक रहा है। उनकी शहादत की याद में आयोजित होने वाली मजलिसें केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि इतिहास, नैतिकता और आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन मजलिस का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें विभिन्न वक्ता अपनी तक़रीर प्रस्तुत करेंगे। पोस्टर के अनुसार कार्यक्रम में मौलाना सैयद क़मर हसनैन दिल्ली , मौलाना क़मर अब्बास ख़ान लखनऊ , मौलाना सैयद अबुज़र अली पटना , मौलाना ज़ीशान हैदर नजफ़ी , मौलाना सैयद रेहान हैदर ज़ैदी दिल्ली तथा मौलाना नाज़िम हुसैन मुबारकपुर सहित कई प्रतिष्ठित वक्ताओं की उपस्थिति रहेगी। इनके अतिरिक्त अन्य धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियाँ भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी।
मजलिस-ए-ख़मसा के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के जीवन से संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं को लोगों तक पहुँचाना तथा उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना है। धार्मिक विद्वानों का मानना है कि ऐसी मजलिसों के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता, आपसी सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। विशेष रूप से युवाओं के लिए यह कार्यक्रम इस्लामी इतिहास एवं धार्मिक शिक्षाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
इस अवसर पर आयोजित होने वाली मजलिसों में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत से संबंधित ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख किया जाएगा। वक्ता उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे तथा श्रोताओं को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देंगे। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक तक़रीरों के साथ-साथ श्रद्धा एवं सम्मान के वातावरण में मजलिस की परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।
आयोजन स्थल बारगाह-ए-मासूमीन, मोइया
 सादात, हंडिया, प्रयागराज में कार्यक्रम को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं एवं श्रोताओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील की गई है। पाँच दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न गाँवों एवं आसपास के इलाकों से लोगों के पहुँचने की संभावना है।
हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग को सदैव प्राथमिकता दी। उनके जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि मनुष्य को परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके व्यक्तित्व में मातृत्व, त्याग, करुणा, धार्मिक निष्ठा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। 
कार्यक्रम आयोजक ज़मन मोईयावी जी ने जानकारी दी कि कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ निर्धारित समय के अनुसार पूरी की जा रही हैं। मजलिस में आने वाले श्रद्धालुओं से अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है। पाँच दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के महान व्यक्तित्व एवं उनके जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का विवरण
आयोजन : मजलिस-ए-ख़मसा बराए शहादत हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.)
दिनांक : 10 नवंबर से 14 नवंबर 2026
स्थान : बारगाह -ए-मासूमीन, मोइया सादात, हंडिया, प्रयागराज 

इस प्रकार हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत की याद में आयोजित होने वाली पाँच दिवसीय मजलिस-ए-ख़मसा धार्मिक श्रद्धा, ऐतिहासिक स्मरण एवं आध्यात्मिक चेतना का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी। आयोजकों को आशा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के जीवन से प्रेरणा प्राप्त होगी तथा उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

रिपोर्टर : जाबिर अली 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.